
Ranchi : राज्य में बड़ी संख्या में कॉन्ट्रैक्ट कर्मी कार्यरत हैं. पारा शिक्षकों के अलावा सहिया, सेविका और अन्य कार्यों, विभागों में लाखों की संख्या में ऐसे कर्मी हैं. कॉन्ट्रैक्ट कर्मी महासंघ के मुताबिक तो राज्य में 6 लाख से अधिक अनुबंध कर्मी काम कर रहे हैं. वे आस कर रहे हैं कि हेमंत सरकार उनकी सेवा नियमित कर देगी. स्थायी कर्मी बनाते हुए तमाम लाभ देगी. पर सरकार के मुताबिक इन कर्मियों को स्थायी किये जाने की घोषणा कभी भी उसकी ओर से नहीं की गयी है. विधानसभा के चालू सत्र में सरकार ने यह जानकारी दी है. विधायक भानु प्रताप शाही की ओर से कॉन्ट्रैक्ट कर्मियों के मामले में पूछे गये एक सवाल के जवाब में कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग ने कहा है कि सरकार की ओर से कभी भी कॉन्ट्रैक्ट कर्मियों को स्थायी किये जाने की औपचारिक तौर पर घोषणा नहीं उसकी ओर से नहीं की गयी है.
क्या कर रही सरकार
कार्मिक,प्रशासनिक सुधार विभाग के मुताबिक कॉन्ट्रैक्ट कर्मियों को स्थायी किये जाने के मसले की समीक्षा की जा रही है. विभिन्न विभागों में कार्यरत कर्मियों के मामले में विकास आयुक्त की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय कमिटी का गठन किया गया है. फिलहाल इस समिति की कार्रवाई प्रक्रियाधीन है.
सरकार बेनकाबः भानु
भानु प्रताप शाही के मुताबिक सरकार ने अपने जवाब से बता दिया है कि उसकी मंशा क्या है. तीन महीने के भीतर उच्चस्तरीय समिति के जरिये कॉन्ट्रैक्ट वर्करों के मामले में फैसला ले लिये जाने की बात थी. अब साफ हो गया है कि सरकार स्थायी करने के मुद्दे पर भी बेनकाब हो गयी है. वह युवाओं के कैरियर के साथ खिलवाड़ कर रही है.
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