
New Delhi: भारत व चीन बीच जारी विवाद फिर भड़क सकता है. चीन लद्दाख की पैंगोंग झील के पास एक और ब्रिज बना रहा है. चीन ने इससे पहले भी ब्रिज का निर्माण किया है. अब नये ब्रिज को अधिक चौड़ाई व क्षमता के साथ बनाया जा रहा है. बताया जा रहा है कि इस ब्रिज से चीनी सेना की बख्तरबंद गाड़ियां भी गुजर सकेंगी. दोनों ही ब्रिज एक-दूसरे से सटा है. एलएसी से इसकी दूरी करीब बीस किलोमीटर है.
एक रिसर्चर ने इस ब्रिज की सैटेलाइट इमेज जारी की है. माना जा रहा है कि इस निर्माण के पीछे चीन का मकसद यह है कि यदि भविष्य में पैंगोंग झील पर भारत के साथ तकरार हो तो उसे रणनीतिक बढ़त मिल सके.
पैंगोंग त्सो लेक लद्दाख और तिब्बत के बीच है, जिसको लेकर दोनों देशों के बीच घमासान हो चुका है. चीन ने 1958 से इस जमीन पर कब्जा कर रखा है. हालांकि, इस क्षेत्र में भारत ने चीन पर बढ़त हासिल कर रखी है. वजह यह है कि झील के दक्षिणी किनारे पर भारत ने ऊंचाई वाले इलाकों पर पकड़ बनाए रखी है.
जून 2020 में चीन और भारत के बीच गलवान घाटी में हिंसक झड़पें हुई थी, जिसमें भारत और चीन दोनों के सैनिक मारे गए थे. जिसके बाद से दोनों देशों के बीच तनाव बरकरार है. हालांकि, इस घटना के बाद 15 से ज्यादा दौर की शांति वार्ता हो चुकी है. अभी तक दोनों के बीच सुलह नहीं हो सकी है. यहां सीमा पर दोनों दोनों ओर करीब 50 हजार से 60 हजार सैनिक तैनात हैं.




