
Ranchi : झारखंड में मैट्रिक और इंटर की परीक्षाएं चार अप्रैल से शुरू होने वाली है. इन दोनों ही परीक्षाओं के लिए राज्य में 1400 परीक्षा केंद्र बनाये गये हैं. इस बार कोविड की वजह से मैट्रिक और इंटर की परीक्षा सामान्य दिनों में तय समय से दो माह की देरी से ली जा रही है. हांलाकि, स्टूडेंट्स का सिलेबस पूरा हो सके इसके लिए ऑनलाइन से लेकर ऑफलाइन क्लासेस तक लिए गये. इसके बाद भी राज्य से लगभग सात लाख स्टूडेंट्स केवल 100 दिन के क्लासरूम पढाई कर बोर्ड की परीक्षाएं देंगे.
अनिवार्य है 220 दिनों की क्लासरूम पढाई
शिक्षा के अधिकार अधिनियम के मुताबिक क्लास छह से 12 वीं तक के स्टूडेंट्स के लिए न्यूनतम 220 दिन की क्लासरूम पढाई अनिवार्य है. पर साल 2020 कोरोना के खतरे के बीच बीता. जिस वजह से क्लासरूम पढाई संभव नहीं हो सकी. शिक्षा विभाग की ओर से दूरदर्शन और व्हाट्स एप के माध्यम से पढाई कराने की कोशिश की गयी. लेकिन इस माध्यम से पढाई का लाभ केवल 40 फीसदी स्टूडेंट्स ही कर सके. 60 फीसदी बच्चे इससे वंचित ही रहे. राज्य सरकार के आदेश निर्देश के बीच 21 दिसंबर से क्लासरूम पढाई करायी जा रही है जो दो अप्रैल तक करायी जायेगी. ऐसे में 220 के सिलेबस में 40 फीसदी कटौती कर सिलेबस को 100 दिन में पूरा किया गया है.
इसे भी पढ़ेंःJHARKHAND NEWS: जेपीएससी ने सहायक अभियंता परीक्षा के 18 हजार आवेदन किये रद
40 फीसदी सिलेबस हुआ कम
बताते चलें कि जैक की ओर से मैट्रिक और इंटर की परीक्षा के सिलेबस में 40 फीसदी तक की कटौती की गयी है. सिलेबस में कटौती का निर्णय स्टूडेंट्स हित को ध्यान में रख कर किया गया है. सिलेबस में कटौती मैट्रिक और इंटर दोनों में किया गया है. गौरतलब है कि जैक ने बोर्ड की प्रैक्टिकल परीक्षा कि तिथि भी घोषित कर दी है. मैट्रिक की प्रैक्टिकल परीक्षा छह अप्रैल से शुरू होगी जो 27 अप्रैल तक चलेगी.
इसे भी पढ़ेंःRANCHI में SEX RACKET का भंडाफोड़, सरगना समेत चार गिरफ्तार




