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Jharkhand : 7 लाख 13 हजार से अधिक लोगों को रोजगार की तलाश, राष्ट्रीय दर से अधिक है राज्य की बेरोजगारी दर

  • राष्ट्रीय बेरोजगारी दर 7.80 फीसदी, जबकि राज्य की बेरोजगारी दर 12.2 फीसदी, ढाई साल में पहली बार निजी क्षेत्र में बंटे दस हजार नियुक्ति पत्र

Chhaya

Ranchi : राज्य की बेरोजगारी दर में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है. भले ही यहां सरकार हर साल ढाई लाख रोजगार सृजन के नाम पर सत्ता में आयी हो. आलम ये है कि राष्ट्रीय बेरोजगारी दर से भी अधिक राज्य की बेरोजगारी दर है. जून महीने की मानें तो राष्ट्रीय बेरोजगारी दर 7.80 फीसदी रही. जबकि राज्य की बेरोजगारी दर 12.2 फीसदी रही. ये आंकड़े सेंटर ऑफ मॉनिटरिंग इंडियन इकॉनोमी की है. जो हर महीने की देश में बेरोजगारी दर और आर्थिक स्थिति पर रिपोर्ट प्रकाशित करती है. रिपोर्ट की मानें तो जनवरी में राज्य की बेरोजगारी दर 8.95 फीसदी रही. फरवरी में 15 फीसदी, मार्च में 14.5, अप्रैल में 14.2 और मई में दर 13.1 फीसदी रही. हालांकि मार्च और अप्रैल के मुकाबले इस दर में कमी आयी है. लेकिन फिर भी दर राष्ट्रीय दर से अधिक है.

राज्य में 9 लाख 46 हजार रजिस्टर्ड बेरोजगार: श्रम नियोजन एवं प्रशिक्षण विभाग की मानें तो राज्य में रजिस्टर्ड बेरोजगारों की कुल संख्या 9 लाख 46 हजार 630 है. इनमें से 48 हजार 25 लोगों को सरकार ने कैंप और रोजगार मेला के जरिये रोजगार दिलाया है. वहीं 7 लाख 13 हजार 762 ऐसे रजिस्टर्ड बेरोजगार है जो एक्टिव है.

और जिन्हें रोजगार की तलाश है. जानकारी हो कि छत्तीसगढ़ की बेरोजगारी दर 1.2 फीसदी है. वहीं, बिहार में दर 14 फीसदी है. वहीं, ओड़िशा में भी बेरोजगारी दर 1.2 फीसदी है.

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शहरी बेरोजगारी अधिक

राज्य की मानें तो शहरी बेरोजगारी दर ग्रामीण बेरोजगारी दर से अधिक है. जून महीने में शहरी क्षेत्र की बेरोजगारी दर 18 फीसदी रही. जबकि ग्रामीण इलाकों में दर 12.85 फीसदी रही. रिपोर्ट की मानें तो शहरी बेरोजगारी दर में लगातार उतार चढ़ाव देखा गया है. मई में जहां ये दर 15.78 फीसदी रही, वहीं जून में 18 फीसदी हो गयी है.

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दस हजार नियुक्ति पत्र बांटे गये

पिछले सप्ताह राज्य सरकार ने दस हजार लोगों को नियुक्ति पत्र बांटा. नियुक्ति पत्र निजी क्षेत्र में बांटा गया. जानकारी हो कि सरकार ने सत्ता में आने के पहले हर साल ढाई लाख रोजगार सृजन की बात कहीं थी. वहीं, ढाई साल पूरे होने के बाद सरकार ने पहला रोजगार मेला लगाकर नियुक्ति पत्र बांटा. जबकि इस दौरान पूर्व से निकले सरकारी विज्ञापनों में नियुक्ति भी पेंडिंग है.

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