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Ranchi: ग्रामीणों को मनरेगा से अधिक से अधिक रोजगार उपलब्ध कराने के लिए राज्य के 150 प्रखंडों व 2518 ग्राम पंचायत में अभियान चलाया जायेगा. ग्रामीण परिवारों, महिलाओं, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति के अधिक से अधिक परिवारों की भागीदारी सुनिश्चित करने,काम की मांग में सहायता करने के उदेश्य से पंचायतों, गैर सरकारी संस्थाओं,जन संगठनों व महिला समूहों आदि के साथ मिलकर राज्य सरकार एक वृहत अभियान शुरू करने जा रही है.
इस अभियान के दौरान सरकार ने प्रति पंचायत 5000 मानव दिवस सृजन करने का लक्ष्य रखा है. यह प्रयास होगा कि सभी ग्राम पंचायतों में अभियान के दौरान महिलाओं द्वारा सृजित कुल मानव दिवस के प्रतिशत में कम से कम 10 प्रतिशत वृद्धि हो. इसके अलावा अनुसूचित जाति, अनुसुचित जनजाति द्वारा कुल सृजित मानव दिवस के प्रतिशत से कम से कम 10 फीसदी की वृद्धि हो. वहीं 100 दिन काम करने वाले मजदूरों को श्रम विभाग की योजनाओं का लाभ भी दिलाया जायेगा. पुरानी योजनाएं पूर्ण की जायेंगी, नयी योजनाओं पर तेजी से काम होगा. सोशल ऑडिट में पायी गयी वित्तीय गड़बड़ी पर कार्रवाई करते हुए राशि की भी वसूली की जायेगी.
ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों ने बताया कि राज्य में ग्रामीणों की आस,मनरेगा से विकास अभियान शुरू कराया जायेगा जो पूरे चार माह दिसंबर तक चलेगा. इसकी शुरूआत 22 सिंतबर को ग्रामीण विकास मंत्री करेंगे. प्रखंड स्तर पर कार्यक्रम की सफलता के लिए बीडीओ की अध्यक्षता,जिला स्तर पर उपायुक्त व राज्य स्तर में मनरेगा की अध्यक्षता में गठित समिति निगरानी करेगी. अभियान की सफलता के लिए कार्यशाला,प्रशिक्षण,जागरूकता,बैठेकें आदि भी की जायेगी. तय लक्ष्य के अनुसार काम किया जायेगा.
ग्रामीण परिवार, महिलाओं के कम मानव दिवस सृजन हुआ
चयनित 150 में से 53 प्रखंड ऐसे हैं जहां मानवदिवस सृजन,महिलाओं की भागीदारी, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति की भागीदारी संतोषजनक नहीं हैं. वहीं,चयनित प्रखंड में 23 प्रखंड ऐसे हैं जहां प्रति पंचायत मानव दिवस सृजन की स्थिति संतोषजनक नहीं हैं. 38 ऐसे प्रखंड हैं जहां प्रति पंचायत महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित नहीं हैं. 36 प्रखंड ऐसे हैं जहां अनुसूचित जाति,अनुसूचित जनजाति की भागीदारी पिछले तीन वर्षों के औसत से कम हैं.
दो माह से भी लगातार गिरावट
मनरेगा योजना से बीते दो माह से मानव दिवस सृजन में गिरावट दर्ज की गई है. जुलाई माह में 65 लाख व अगस्त में सिर्फ 56 लाख ही मानवदिवास सृजन हुआ. विभाग इसको लेकर चिंतित था. यही वजह है कि यह अभियान शुरू हो रहा है.
क्या होगा
नियमित रोजगार दिवस का आयोजन
नियमित ग्राम सभा का आयोजन
इच्छुक सभी परिवारों को समय पर रोजगार उपलब्ध कराना
महिला एवं अनुसूचित जाति,अनुसूचित जनजाति कोटि के श्रमिकों के भागीदारी में वृद्धि
प्रति परिवार औसतन मानवदिवस में वृद्धि
जॉबकार्ड निर्गत,नवीनीकरण
प्रत्येक गांव-टोला में हर समय औसतन 5-6 योजनाओं का क्रियान्वयन
पूर्वी से चली आ रही पुरानी योजनाओं को पूर्ण करना
प्रत्येक ग्राम पंचायतों में पर्याप्त योजनाओं की स्वीकृति
शत-प्रतिशत महिला मेट का नियोजन
जीआईएस बेस्ड प्लानिंग
एनएमएस के माध्यम से मेट के द्वारा मजदूरों की उपस्थिति अपलोड करना
सामाजिक अंकेक्षण के दौरान पाये गये मामलों का निष्पादन तथा राशि की वसूली
मजदूरों की शिकायतों का निष्पादन




