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झारखंड में लॉकडाउन बढ़ने के आसार, 4 करोड़ वैक्सीन की जरुरत, मिले महज 40 लाख

कैबिनेट बैठकः अब गांवों में कोरोना संक्रमण रोकने के लिये 10 दिनों के स्पेशल ड्राइव में जांच और सर्वे का चलाया जायेगा विशेष अभियान

Ranchi : कोरोना के खिलाफ पिछले 35 दिनों से चल रहे विशेष अभियान ने राहत पहुंचायी है. सीएम हेमंत सोरेन क मुताबिक राज्यवासियों, स्वास्थ्य कर्मियों, प्रशासनिक अधिकारियों और जन प्रतिनिधियों के सहयोग से ऐसा मुमकिन हो सका है.

कैबिनेट मंत्रियों संग सोमवार को ऑनलाईन मीटिंग में उन्होंने कहा कि चूंकि अब गांवों में कोरोना संक्रमण का खतरा बढा है. कम से कम 20 हजार हर दिन लोग आ रहे ट्रेन से बाहर से आ रहे.

हर दिन इतनी संख्या में जांच कठिन है. ऐसे में ग्रामीण स्तर पर टेस्टिंग बढाये जाने का निर्णय लिया है. अब सरकार गांवों में संक्रमण रोकने में लगी है. अब फोकस वहीं किया जा रहा.

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बैठक में बताया गया कि सरकार वैक्सीनेशन की गति तेज करने में लगी है. वैक्सीन मंगायी जा रही है. अभी 18 प्लस वालों के 2-3 दिन की ही वैक्सीन है. आवेदन दे रखा है. उपलब्ध नहीं हो पा रहा.

फिलहाल अलग-अलग वर्गों के लिये कुल एक सप्ताह की ही वैक्सीन है. पूरे देश में वैक्सीन को लेकर मिसमैनेजमेंट के कारण यह हुआ है. 4 करोड़ वैक्सीन की जरूरत है. पर अभी 40 लाख ही मिल सके हैं.

 

ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना से बचाव के लिये  25 मई से अगले 10 दिनों तक गांव गांव हर घर तक कोरोना जांच का विशेष अभियान चलाया जायेगा. इस दौरान जांच और सर्वे प्रोटोकॉल के जरिये कोरोना जांच की स्थिति का पता लगाया जायेगा. इसी आधार पर और भी कार्ययोजना बनायी जायेगी. मीटिंग के दौरान तकरीबन सभी मंत्रियों ने लॉकडाउन की अवधि कम से कम एक सप्ताह तक बढ़ाये जाने की वकालत की. इस पर सीएम ने मौजूदा हालात को देखते विचार करने की बात कही.

 

इस दौरान मंत्री आलमगीर आलम, डॉ रामेश्वर उरांव. चंपई सोरेन, बन्ना गुप्ता, जोबा मांझी, मिथिलेश कुमार ठाकुर, बादल, हफीजुल हसन अंसारी औऱ सत्यानंद भोक्ता शामिल हुए. साथ ही सीएम आवास से सीएस सुखदेव सिंह, अपर स्वास्थ्य सचिव अरुण कुमार सिंह समेत अन्य अधिकारी भी शामिल हुए.

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50 फीसदी तक कम हुआ संक्रमण का केस

हेमंत सोरेन ने कहा कि दूसरी लहर घातक साबित हुई. बड़ा नुकसान समाज को हुआ. केंद्र को दूसरी लहर का आभास था पर राज्यों को दिशा निर्देश देने में विलंब हुआ. संक्रमण की हालत को देखते हुए राज्य सरकारों ने अपने अपने तरीके से निर्णय लेना प्रारंभ किया. कहीं आंशिक तो कहीं पूर्ण लॉकडाउन लगा.

झारखंड में स्वास्थ्य सुरक्षा सप्ताह 22 मार्च से शुरू किया गया. चूंकि 75 फीसदी ग्रामीण क्षेत्रों रहती है. ऐसे में उनकी जीविका और जीवन को देखते हुए यह पहल की गयी. 3 बार लगातार इसे रिपीट किया.

इस दौरान संक्रमण घट रहा था पर उसमें गति नहीं आ रही थी. अंततः 13 मई को कड़े प्रतिबंधों के साथ स्वास्थ्य सुरक्षा सप्ताह लागू किया. अब संक्रमितों की संख्या में 50 फीसदी तक कमी आ गयी है.

पहले 15-16 हजार केस मिलते थे. अब दो-ढाई हजार हो गया है. रिकवरी रेट बढ़ी है. हालांकि मृत्यु दर में राज्य ऊपर है. यह चिंता की बात है. यूपी, बिहार में यह कम है. असल में कई राज्यों में वास्तविक आंकड़ा सामने आ ही नहीं रहा.

झारखंड में पूरी पारदर्शिता के साथ टेस्ट, ठीक होने वाले और मरने वालों की संख्या बतायी जा रही. आंकड़ा सही होना चाहिये अन्यथा इससे धोखा हो सकता है.

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गांवों पर जोर

राज्य के गांवों में जांच, सर्वे का प्रोटोकॉल 25 मई से शुरू होगा. इसमें आंगनबाड़ी सेविका, नर्स, सहिया, मुखिया को लगाया गया है. गांव-गांव में घर-घर जाकर जांच किया जायेगा. पंचायतों में एक सेंटर बनाया जायेगा.

इसमें ऑक्सीजन औऱ टेस्टिंग किट रहेगा. जांच के क्रम में मिली जानकारी के आधार पर संबंधित लोगों को सेंटर में पहुंचाया जायेगा. वहां से सेंटर में या आगे जिला भेजने का निर्णय होगा.

कोविड किट हर दूसरे घर में पहुंचाने का निर्णय लिया जा रहा है. इसके बाद लक्षणों के आधार पर सर्दी खांसी की दवा भी दी जायेगी.

इससे पूर्ण रूप से स्वस्थ लोगों को ही टीका लगाने में मदद होगी. हर प्रखंड में एंबूलेंस, टेस्टिंग किट उपलब्ध कराया जा रहा है. मानकी, मुंडा, मांझी परगनैत को प्राथमिकता के आधार पर वैक्सीन लगाया जायेगा.

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मिलेगा मुफ्त कफन

राज्य में तीसरी लहर को लेकर तैयारी शुरू है. झारखंड इस मामले में पहला राज्य होगा जहां कदम उठाना शुरू हो चुका है. सीमित संसाधन, डॉक्टर, नर्स के बावजूद प्रयास जारी है. 23 मई को 1000 डॉक्टरों के साथ चर्चा हुई. कई सुझाव आये.

सरकार इस आधार पर आगे बढ़ रही. ई- पास को लेकर शिकायत आयी है. इस पर सुधार की दिशा में काम आगे बढ़ाया जा चुका है. आंगनबाड़ी में मेडिकल कीट और अन्य व्यवस्था के लिये प्रोसेस जारी है.

दुकानों के बंद होने से लोगों को दिक्कत हो रही. सरकार ने फैसला लिया है कि राज्य में लोगों को मुफ्त कफन दिया जायेगा.

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