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झारखंड : माओवादियों के रिजनल हेडक्वार्टर छकरबंधा में भारी मात्रा में विस्फोटक नष्ट, सर्च ऑपरेशन जारी

Ranchi : बिहार झारखंड सीमा पर स्थित अति नक्सलग्रस्त छकरबंधा के जंगलों में नक्सलियों के खिलाफ पुलिस के सर्च अभियान में 25 आईईडी बम, करीब 250 पीस सिरिंज में लगे आईईडी और करीब 100 मीटर प्लास्टिक का पाइप बरामद किया गया है. विस्फोटकों को वहीं नष्ट कर दिया गया. इस मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है.
सुरक्षाबलों ने छकरबंधा के इलाके को घेर लिया है. वहीं नक्सलियों की धर-पकड़ के लिए छापेमारी अभियान भी जारी है. सीआरपीएफ, कोबरा, एसएसबी, एसटीएफ और जिला पुलिस की संयुक्त कार्रवाई जारी है. हालांकि, नक्सलियों की गिरफ्तारी हुई है या नहीं, यह स्पष्ट नहीं हो सका है.

गौरतलब है कि बीते सोमवार को इलाके में 86 पीस IED बरामद किये गये थे. साथ ही खाने-पीने की सामग्री भी बरामद हुई थी. नक्सली जंगल में साजिश रच रहे थे. बताया जाता है कि हाल के दिनों में सरेंडर करने वाले माओवादी के टॉप कमांडर ने छकरबंधा के राज उगले थे. इसी सूचना पर अभियान शुरु किया गया.

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अति नक्सल प्रभावित छ्करबंधा के दुर्गम-जंगली इलाके को प्रतिबंधित नक्सली संगठन भाकपा माओवादी के रिजनल हेडक्वार्टर के रुप में जाना जाता है.

भाकपा माओवादी के स्पेशल एरिया कमिटी के कमांडर इन चीफ संदीप यादव के निधन के बाद नये चीफ के चयन के लिए होने वाली बैठक को सुरक्षाबलों ने विफल कर दिया था.

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माओवादियों का सुरक्षित इलाका माना जाता है छकरबंधा

झारखंड के सीमावर्ती गया जिला के छकरबंधा जंगल और पहाड़ नक्सली संगठन भाकपा (माओवादी)का सबसे सुरक्षित और अभेद किले के रूप में जाना जाता रहा है. इन स्थानों पर पुलिस और केंद्रीय बल के जवान दिन के उजाले में भी आने -जाने से बचते थे.

कुख्यात नक्सली कमांडर संदीप यादव दवा और इलाज के अभाव में छकरबंधा जंगल से बाहर नहीं निकल सका. संदीप यादव की मौत दवा और इलाज के अभाव में हो गयी. संदीप यादव की मौत ने नक्सली संगठन भाकपा (माओवादी) के हार्डकोर नक्सलियों के मनोबल को तोड़ दिया. वहीं बताया जाता है कि बीमार टॉप कमांडर नितेश यादव अज्ञात स्थान पर इलाज करवा रहा है.

छकरबंधा इलाके में बिहार का गया, औरंगाबाद, रोहतास और सासाराम का इलाका शामिल है, जबकि झारखंड का पलामू, चतरा और गढ़वा का कुछ इलाका शामिल है.

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