
Ranchi : विधानसभा में बजट सत्र के दौरान सोमवार को तारांकित प्रश्न के माध्यम से विधायक सीपी सिंह ने मुख्यालय से लेकर ब्लाक अंचल में कार्यरत कंप्यूटर ऑपरेटरों का हटाये जाने का मामला उठाया. इस मामले पर विपक्षी विधायकों के साथ ही सत्ता पक्ष के विधायकों ने भी सरकार को घेरा. जिसके बाद सरकार ने इस मामले पर जवाब देने के लिये समय मांगा है.
मालूम हो कि पहले से कार्यरत कंप्यूटर कर्मियों की सेवा समाप्त कर आउटसोर्सिंग से नए सिरे से बहाली की जानी है. कई जिलों में कंप्यूटर ऑपरेटरों को हटा भी दिया गया है. इस मामले पर सत्ता और विपक्ष दोनों के विधायकों ने सरकार को घेरा. विधायकों का कहना है की जब सरकार इस मामले पर समिति बना चुकी है तो फिर रिपोर्ट आने तक उन्हें यथावत बहाल रखा जाए. साथ ही तब तक किसी भी तरह की आउटसोर्सिंग टेंडर न निकाला जाये.
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जवाब देते हुए मंत्री आलमगीर आलम ने कहा कि सरकार को सभी विभाग के मामलों को एक जगह लाकर क्रियान्वित करना पड़ेगा, इस संबंध में सरकार विचार करेगी. आलम ने कहा कि कोई भी मंत्री सारे विभागों की तैयारी करके नहीं आता है. इसलिये सरकार को समय दिया जाए. इसपर प्रश्नकर्ता सीपी सिंह ने कहा कि आप पूरा समय लीजिये पर तब तक किसी को नहीं हटाया जाए. मंत्री जी के जवाब से जब सदन के विधायक संतुष्ट नहीं हुए तो स्पीकर ने प्रश्न पुट करा दिया और अगले दिन जवाब देने को कहा है.
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अगर यहां फैसला नहीं होगा तो सदन में प्रश्न लाने का क्या फायदा: प्रदीप यादव
कंप्यूटर ऑपरेटरों के मामले पर जब संतोषजनक जवाब नहीं मिला और स्पीकर ने अगले प्रश्नकर्ता को पुकार लिया, तब व्यवस्था पर बोलते हुए प्रदीप यादव ने कहा कि जब राज्य के इस सदन में फैसला नहीं होगा तो फिर प्रशन लाने का क्या फायदा. इसके बाद चर्चा हुई और सवाल के संतोषजनक जवाब के लिए प्रश्न को पुट करा दिया गया. इसके अलावा उन्होंने कहा कि जो भी कर्मी 10 सालों से अधिक से काम कर रहे हैं, उनको हटाना सुप्रीम कोर्ट के निर्देश का उल्लंघन होगा.
सीपी सिंह ने मांग की कि सरकार आश्वस्त करे कि जो लोग पहले से काम कर रहे हैं, उनको नहीं हटाया जाए और उनको अभी जितना मेहनताना मिल रहा है उससे कम नहीं मिले. विधायक दीपक बिरुवा, मथुरा महतो, इरफान अंसारी, विनोद सिंह और भानु प्रताप शाही ने भी कंप्यूटर ऑपरेटरों को यथावत बहाल रखने की मांग की.




