
Ranchi : मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की सदस्यता को लेकर चल रही गहमागहमी के मद्देनजर यूपीए के विधायकों की बैठक मुख्यमंत्री आवास पर संपन्न हुई. बैठक में सत्ताधारी दलों के करीब 40 विधायक शामिल हुए. बैठक से निकल रहे विधायकों ने एक-एक कर कहा कि हम पूरी तरह से एकजुट हैं. न तो हमें कोई तोड़ सकता है और न ही हमारी सरकार को गिरा सकता है. बैठक के बाद बन्ना गुप्ता ने बताया कि शाम में फिर एक बैठक हो सकती है. हम तमाम घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं.
अगर हेमंत सोरेन की सदस्यता रद्द होती है तो उन्हें इस्तीफा देकर फिर से मुख्यमंत्री पद की शपथ लेनी होगी. इसके बाद 6 महीने के अंदर उन्हें दोबारा विधानसभा चुनाव जीतना होगा. अगर चुनाव लड़ने के लिए उन्हें अयोग्य घोषित किया जाता है तो उन्हें मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देना होगा. ऐसे में वे परिवार या पार्टी से किसी को कमान सौंप सकते हैं. इन संभावनाओं पर भी चर्चा हुई. झामुमो कोर कमिटी के सदस्य विनोद पाण्डेय का कहना है कि झारखंड में जो राजनितिक परिस्थिति बनी है वह कमोबेश सभी गैरभाजपाई राज्यों की है.
एक सवाल के जवाब में पाण्डेय ने कहा कि पार्टी परिस्थिति के हिसाब से निर्णय लेगी. हेमंत सोरेन के नेतृत्व में चल रही है और आगे भी चलेगी. कहा कि राजभवन के निर्णयों पर हस्तक्षेप नहीं करेंगे, लेकिन यूपीए गठबंधन सभी निर्णयों के लिए तैयार है.
बैठक के बीच बाहर निकले प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष रामेश्वर उरांव ने कहा कि सरकार पर कोई संकट नहीं है. हम सभी एकजुट है, कहीं कोई परेशानी नहीं है. विधायकों के छत्तीसगढ़ जाने की चर्चा पर कहा कि ऐसी कोई बात नहीं है. कोई भी विधायक कहीं नहीं जा रहा है.
खबर लिखे जाने तक बैठक में करीब 40 विधायक शामिल हुए. कांग्रेस व झामुमो के तकरीबन सभी विधायक पहुंचे हैं. मालूम हो कि कैशकांड में फंसे कांग्रेस के तीन विधायक कोलकाता में हैं. बैठक में शामिल विधायकों में सीता सोरेन, प्रदीप यादव, बन्ना गुप्ता, नेहा तिर्की, सरफराज अहमद, बादल पत्रलेख, मथुरा प्रसाद महतो, आलमगीर आलम, दीपिका पाण्डेय, उमाशंकर अकेला, पूर्णिमा नीरज सिंह, दीपक बिरुवा, दसरथ गगराई आदि हैं.




