
Ranchi : आदर्श आचार संहिता लगने के बाद भी विद्युत आपूर्ति क्षेत्र, दुमका में स्थानांतरण का मामला सामने आया है.
महाप्रबंधन सह मुख्य अभियंता विद्युत आपूर्ति क्षेत्र, दुमका की ओर से पांच कनीय अभियंताओं का स्थानांतरण किया गया.
विद्युत डिप्लोमा अभिंयता संघ ने इस पर आपत्ति जतायी है. संघ की ओर से इस संबध में झारखंड उर्जा विकास निगम लिमिटेड में शिकायत भी की गयी है.
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क्या है आपत्ति पत्र में?
संघ की ओर से जेबीवीएनएल के महाप्रबंधक को लिखे आपत्ति पत्र में बताया गया है कि आचार संहिता लगने के बाद गलत तरीके से अभियंताओं का स्थानांतरण किया गया.
इसमें बताया गया है कि पांच नवंबर को अभियंताओं को 31 अक्टूबर की तारीख से स्थानंतरण किया गया, जबकि तब तक राज्य में आदर्श आचार संहिता लागू हो चुकी है.
ऐसे में दुमका विद्युत आपूर्ति महाप्रबंधन की ओर से आचार संहिता का पूर्णतः उल्लंघन किया गया. संघ की ओर से इस पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की गयी है.
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11 नवंबर तक विरमित होने का आदेश दिया गया
संघ की ओर से महाप्रबधक को दिये पत्र में लिखा गया है कि पांच नवंबर को 31 अक्टूबर की तारीख से पोस्टिंग दी गयी. इसके बाद इसके आदेश का पालन नौ नंवबर तक करने की बात कही गयी. वहीं 11 नवंबर तक स्वतः कार्य विरमित का निर्देश दिया गया.
संघ के सचिव पीके जायसवाल ने बताया कि आचार संहिता के दौरान पोस्टिंग आदेश अनुपाल का आदेश देना पूरी तरह गलत है और पूरी तरह से आचार संहिता का उल्लंघन है.
पीके जायसवाल ने बताया कि दुमका और जमशेदपुर में विवादस्पद तरीके से कनीय विद्युत अभियंताओं का स्थानांतरण किया गया है. इसके पहले भी निगम को इसकी सूचना दी गयी थी.
इनके खिलाफ कई मामले भी निगम में चल रहे हैं. दुमका में एक अभियंता का स्थानांतरण समय से पहले ही कर दिया गया है. उन्होंने कहा कि संघ निगम से मांग करता है कि ऐसे मामले में कार्रवाई करें.
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