
Lohardaga: जिला में 23 जनवरी को नागरिकता संशोधन बिल के समर्थन में निकाले गये रैली के दौरान हिंसक झड़प हुई थी. जिसके बाद अहतियातन प्रशासन ने कर्फ्यू लगा दिया था.
उसी दौरान ड्यूटी पर तैनात जवान अजय राम की मंगलवार को मौत हो गई. मौत के पीछे की वजह कथित तौर पर ठंड लगना बताया जा रहा है. अजय राम लोहरदगा बाजार में ड्यूटी पर तैनात था.
लेकिन अचानक जवान की तबियत बिगड़ी और आनन-फानन में सदर अस्पताल में उसे भर्ती कराया गया. जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. मृतक जवान हजारीबाग के पदमा ट्रेनिंग सेंटर में प्रतिनियुक्त था.
वह मूल रूप से पलामू जिला के मोहम्मदगंज थाना क्षेत्र का रहने था.
अपने साथी जवान की मौत की घटना से वहां तैनात अन्य जवान आक्रोशित हो गये थे. इस बारे में पुलिसकर्मियों का कहना है कि पिछले 12 दिनों से यहां हम सब ड्यूटी पर तैनात हैं. बाद में अधिकारियों द्वारा समझाने के बाद पुलिसकर्मी शांत हुए.
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जवान की मौत से पुलिसकर्मियों में आक्रोश
लोहरदगा में तैनात किये गये जवानों को कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. जवानों का कहना है कि उन्हें ड्यूटी पर लगा दिया है और उसके बाद कोई पूछने नहीं आया. ठंड में भी उन्हें कोई व्यवस्था ही नहीं दी गयी है और किसी तरह मुश्किल से वे अपना काम चला रहे हैं.
पुलिसकर्मियों का कहना है कि वर्त्तमान में इस तरह की समस्याओं से जूझ कर कैसे और कितने दिनों तक विधि व्यवस्था कायम रखा जा सकेगा.
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झड़प के बाद लोहरदगा में तैनात किये गये दूसरे जिलों के जवान
गौरतलब है कि लोहरदगा में 23 जनवरी को सीएए के समर्थन में तिरंगा यात्रा के दौरान हिंसक
झड़प के बाद कर्फ्यू लगाया गया था. जो अभी भी जारी है.
और कर्फ्यू में हर दिन कुछ घंटों की ढ़ील भी दी जा रही है. लोहरदगा में कर्फ्यू लगाये जाने के बाद 24 जनवरी को दूसरे जिलों के जवानों को भी सुरक्षा के लिए तैनात किया गया था.
हालांकि प्रशासन आम लोगों से लगातार जिले में सहयोग की अपील कर रही है. जनजीवन को सामान्य बनाने के लिए प्रशासन लगातार समीक्षा बैठक कर रही है.
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