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Seol, 15 September : उत्तर कोरिया ने अपने परमाणु कार्यक्रमों को लेकर बढ़े तनाव के बीच संयुक्त राष्ट्र के नए प्रतिबंधों पर प्रतिक्रिया देते हुए आज एक बार फिर प्रशांत महासागर में एक मिसाइल दागी जो जापान के ऊपर से होकर गुजरी.
ऐसा प्रतीत होता है कि उत्तर कोरिया द्वारा अब तक दागी गई मिसाइलों में से इस मिसाइल ने सर्वाधिक दूरी तय की और विश्लेषकों का मानना है कि यह उसकी गुआम को लक्ष्य बनाने की क्षमता को दर्शाता है .
प्रतिबंधों की अवहेलना
प्योंगयांग के निकट से यह परीक्षण ऐसे समय में किया गया है जब संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने उत्तर कोरिया के बैलिस्टिक मिसाइल एवं परमाणु हथियार कार्यक्रमों को लेकर उसके खिलाफ नये प्रतिबंधों को लागू किया है.
इससे पहले उत्तर कोरिया ने इस महीने की शुरुआत में अपना छठा परमाणु परीक्षण किया था जो अब तक का उसका सबसे बड़ा परीक्षण है. प्योंगयांग ने कहा कि यह एक हाइड्रोजन बम था जो इतना छोटा है कि इसे मिसाइल में फिट किया जा सकता है.
सुरक्षा परिषद की आपात बैठक
सुरक्षा परिषद ने न्यूयार्क में आज बाद में एक आपात बैठक आहूत की है. अमेरिकी प्रशांत कमान ने पुष्टि की है कि रॉकेट मध्यम दूरी की एक बैलिस्टिक मिसाइल (आईआरबीएम) है और इससे उत्तर अमेरिका या अमेरिकी प्रशांत क्षेत्र में गुआम को कोई खतरा नहीं है.
सोल के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि इस मिसाइल ने करीब 3,700 किलोमीटर की दूरी तय की और 770 किलोमीटर की अधिकतम ऊंचाई पर उड़ी.
मिसाइल की पहुंच गुआम तक
इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट फॉर स्ट्रैटेजिक स्टडीज के जोसेफ डेम्प्से ने ट्विटर पर कहा कि उत्तर कोरिया ने ‘‘जिन बैलिस्टिक मिसाइलों का अब तक परीक्षण किया है, उनमें से इस मिसाइल ने जमीन के ऊपर से सर्वाधिक दूरी तय की.’’ यूनियन ऑफ कंसर्न साइंटिस्ट्स के भौतिकविद डेविड राइट ने कहा, ‘‘उत्तर कोरिया ने यह दिखा दिया है कि उसकी मिसाइल की पहुंच गुआम तक है, हालांकि उसकी वहन क्षमता के बारे में कोई जानकारी नहीं है.’’ उन्होंने कहा कि मिसाइल की सटीकता को लेकर भी संदेह है.




