
NewDelhi : भारत अमेरिकी प्रतिबंधों के बावजूद ईरान के साथ तेल आयात जारी रखेगा. बता दें कि सरकारी रिफाइनर्स ने ईरान से 1.25 मिलियन टन क्रूड ऑइल खरीदने के लिए अनुबंध किया है. साथ ही भारत ने डॉलर की जगह रुपये में कारोबार करने की दिशा में कदम बढ़ाने की तैयारी कर ली है. टॉप इंडस्ट्री के सूत्रों के अनुसार इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC) और मंगलोर रिफाइनरी ऐंड पेट्रोकेमिकल्स लिमिटेड (MRPL) ने नवंबर में ईरानी तेल के आयात के लिए 1.25 मिलियन टन्स का अनुबंध किया है. बता दें कि नवंबर में ही ईरान के ऑयल सेक्टर के खिलाफ अमेरिकी प्रतिबंध लागू होनेवाले हैं. रूस से S-400 डील के बाद यह एक तरह से भारत की तरफ से अमेरिका को दिया गया दूसरा झटका है.
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IOC ईरान से हर माह सामान्य मात्रा में तेल खरीद रहा है
खबरों के अनुसार भारत कम मात्रा में ही सही पर ईरान से तेल आयात जारी रखना चाहता है. सूत्र बताते हैं कि IOC ईरान से हर माह सामान्य मात्रा में तेल खरीद रहा है. वित्त वर्ष 2018-19 में (अप्रैल 2018 से मार्च 2019) IOC की 9 मिलियन टन ईरानी तेल आयात करने की योजना तैयार है. हालांकि पिछले माह अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने कहा था कि वॉशिंगटन प्रतिबंध पर छूट को लेकर विचार करेगा, लेकिन अगर ऐसा किया गया तो इसकी समयसीमा तय की जायेगी. ईरान के खिलाफ अमेरिकी प्रतिबंध चार नवंबर से लागू होने हैं, जिससे पेमेंट के रास्ते बाधित हो जायेंगे; सूत्रों का कहना है कि भारत और ईरान चार नवंबर के बाद रुपये में कारोबार करने पर विचार कर रहे हैं.




