
Ranchi : भारत सरकार के स्किल डेवेलपमेंट एंड आन्त्रप्रेन्योर डिपार्टमेंट ने महात्मा गांधी नेशनल फेलोशिप योजना की शुरुआत की है. फेलोशिप लागू करने की जिम्मेदारी देश के नौ आइआइएम को दी गयी है. इसमें झारखंड का एकमात्र आईआईएम रांची भी शामिल है.
बतातें चलें की यह नेशनल फेलोशिप इंजीनियरिंग, लॉ, मेडिकल और सोशल साइंस जैसे विषयों में यूजी – पीजी करने वाले स्टूडेंट्स के लिए है. फेलोशिप में स्टूडेंट्स के सेलेक्शन के लिए अलग-अलग आइआइएम में सीटें निर्धारित हैं. जहां स्टूडेंट्स का सेलेक्शन टेस्ट के माध्यम से किया जायेगा.
आइआइएम रांची में 62 सीटों के लिए सेलेक्शन
इस नेशनल फेलोशिप को वर्ल्ड बैंक के ‘संकल्प’(स्किल एक्विजिशन एंड नॉलेज अवेयरनेस फॉर लाइवलीहुड प्रमोशन) कार्यक्रम के तहत शुरू किया गया है. आइआइएम रांची में इसके लिए कुल 62 सीटें तय की गई हैं. सीटों पर दो वर्षीय फेलोशिप के लिए नामांकन लिया जायेगा. आइआइएम रांची में फेलोशिप ट्रेंड स्टूडेंट्स 62 में से 31 को झारखंड तथा अन्य 31 को तमिलनाडु में कौशल विकास का काम करना होगा. ट्रेंड स्टूडेंट्स को राज्यों में जिला स्तर पर कौशल विकास का काम करना होगा. इस काम के बदले उन्हें पहले वर्ष प्रति माह 50 हजार व दूसरे वर्ष प्रतिमाह 60 हजार रुपये मिलेंगे.
हर साल फिल्ड में बिताना होगा 108 दिन
ट्रेंड स्टूडेंट्स को सम्बंधित राज्य के विभिन्न जिला मजिस्ट्रेट के साथ मिल कर काम करना होगा. स्टूडेंट्स को हर साल 108 दिन फील्ड में व 10 दिन अपने कैंपस में रह कर पढ़ाई करनी होगी. ट्रेनिंग के बाद स्टूडेंट्स इको सिस्टम को समझने के लिए जिला कौशल समितियों के साथ जुड़ेंगे व शैक्षणिक विशेषज्ञता हासिल करेंगे.
21 से 30 वर्षीय स्टूडेंट्स करेंगे आवेदन
फेलोशिप की तय योग्यता के तहत प्रवेश परीक्षा की जिम्मेवारी आइआइएम बेंगलुरु को मिली है. इसमें 21 से 30 वर्ष के बीच के स्टूडेंट्स एप्लीकेशन दे सकते हैं. आइआइएम बेंगलुरु की वेबसाइट पर एप्लीकेशन करना होगा. एप्लीकेशन की अंतिम तारीख 27 मार्च 2021 तक है. परीक्षा अप्रैल के तीसरे हफ्ते में लिये जाने की संभावना है. जिस राज्य में कार्य के लिए विद्यार्थी का चयन होगा, उनमें वहां की स्थानीय भाषा बोलने-समझने की क्षमता होनी चाहिए.
ऐसा होगा टेस्ट पैटर्न
इस फेलोशिप के लिए इच्छुक स्टूडेंट्स को लिखित परीक्षा में शामिल होना होगा. परीक्षा देश के प्रमुख शहरों में होगी. परीक्षा में सौ बहुविकल्पीय (ऑब्जेक्टिव) प्रश्न पूछे जायेंगे. मुख्य रूप से सामान्य ज्ञान, जनरल अवेयरनेस, मौखिक क्षमता, डाटा इंटरप्रेशन व लॉजिकल रिजनिंग से संबंधित प्रश्न, रीडिंग कंप्रिहेंशन, क्वांटेटिव एबिलिटी व वर्बल एबिलिटी से संबंधित प्रश्न पूछे जायेंगे. इसमें निगेटिव मार्किंग होगी. परीक्षा में पास होने के बाद चयनित विद्यार्थियों को मई के दूसरे से चौथे हफ्ते में आयोजित इंटरव्यू में शामिल होना होगा. इसमें विद्यार्थियों में स्थानीय भाषा का ज्ञान, मोटिवेट करने की क्षमता आदि देखे जायेंगे.




