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देश के लिए ऐतिहासिक दिन,  लौह पुरुष हुए सम्मानित, पीएम मोदी ने स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का अनावरण किया 

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NewDelhi : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के प्रथम गृहमंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल के सम्मान में उनकी 182 मीटर ऊंची विश़्व की विशालतम प्रतिमा स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का अनावरण बुधवार को किया. लौह पुरुष की सबसे बड़ी प्रतिमा के अनावरण के बाद भारतीय वायुसेना के तीन विमानों ने सलामी देते हुए तिरंगा बनाया. तीन जगुआर लड़ाकू विमानों ने काफी नीचे से उड़ान भरी. दो एमआई-17 हेलीकॉप्टर प्रतिमा पर पुष्पवर्षा की. बता दें कि स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के अनावरण के पूर्व देशभर की 30 छोटी-बड़ी नदियों से लाये गये जल से पीएम मोदी ने प्रतिमा के पास स्थित शिवलिंग का अभिषेक किया. इस क्रम में 30 ब्राह्मणों ने मंत्रों का जाप किया. खबरों के अनुसार जलगंगा, यमुना, सरस्वती, सिंधु, कावेरी, नर्मदा, ताप्ती, गोदावरी और ब्रह्मपुत्र आदि नदियों से लाया गया था.  पीएम मोदी ने स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के अनावरण से पूर्व 17 किलोमीटर लंबी फूलों की घाटी का उद्घाटन किया. साथ ही उन्होंने प्रतिमा के पास पर्यटकों के लिए तंबुओं के शहर और पटेल के जीवन पर आधारित संग्रहालय का भी लोकार्पण किया. बता दें कि प्रतिमा के भीतर 135 मीटर की ऊंचाई पर गैलरी बनाई गयी है, जिससे पर्यटक बांध और पास की पर्वत शृंखला का दीदार कर सकें.  इस अवसर पर गुजरात के सीएम विजय रुपानी, भाजपा अध़्यक्ष अमित शाह सहित अन्य मौजूद थे

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स्टैच्यू ऑफ यूनिटी की ऊंचाई स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी से दोगुनी

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बताया गया है कि सरदार पटेल की इस प्रतिमा की ऊंचाई स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी से दोगुनी है.  प्रतिमा की निर्माण का सरदार सरोवर बांध के पास साधु बेट पर किया गया गया है.  प्रतिमा के निकट ही प्रधानमंत्री यहां वॉल ऑफ यूनिटी का भी अनावरण किया. साथ ही गुजरात पुलिस, सशस्त्र और अर्द्धसैनिक बलों के बैंड सांस्कृतिक और संगीत कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी. इसके साथ ही 29 राज्यों और दो केंद्र शासित प्रदेशों से आये कलाकार संगीत एवं नृत्य प्रस्तुत किये.

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 मुझे सरदार साहब की  विशाल प्रतिमा को देश को समर्पित करने का अवसर मिला

प्रतिमा का अनावरण करने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज पूरा देश राष्ट्रीय एकता दिवस मना रहा है. किसी भी देश के इतिहास में ऐसे अवसर आते हैं, जब वो पूर्णता का अहसास कराते हैं. आज वही पल है जो देश के इतिहास में हमेशा के लिए दर्ज हो जाता है, जिसे मिटा पाना मुश्किल है.  पीएम मोदी ने कहा कि हम आजादी के इतने साल तक एक अधूरापन लेकर चल रहे थे, लेकिन आज भारत के वर्तमान ने सरदार के विराट व्यक्तित्व को उजागर करने का काम किया है. आज जब धरती से लेकर आसमान तक सरदार साहब का अभिषेक हो रहा है, तो ये काम भविष्य के लिए प्रेरणा का आधार है. उन्होंने कहा कि ये मेरा सौभाग्य है कि मुझे सरदार साहब की इस विशाल प्रतिमा को देश को समर्पित करने का अवसर मिल है. जब मैंने गुजरात के मुख्यमंत्री के तौर पर इसकी कल्पना की थी, तो कभी अहसास नहीं था कि प्रधानमंत्री के तौर पर मुझे ये पुण्य काम करने का मौका मिलेगा. इस काम में जो गुजरात की जनता ने मेरा साथ दिया है, उसके लिए मैं बहुत आभारी हूं.

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