
NewDelhi : देश के इतिहास में पहली बार हुआ है, जब 21 अक्टूबर को भी लाल किले से प्रधानमंत्री मेादी ने तिरंगा फहराया. बता दें कि सुभाष चंद्र बोस के नेतृत्व वाली आजाद हिंद सरकार की स्थापना के 75 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में लाल किले में विशेष समारोह का आयोजन कर ध्वजारोहण किया गया. जान लें कि 21 अक्टूबर 1943 को नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने सिंगापुर में प्रांतीय आजाद हिंद सरकार की स्थापना की थी. कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज मैं उन माता पिता को नमन करता हूं जिन्होंने नेता जी सुभाष चंद्र बोस जैसा सपूत देश को दिया. कहा कि मैं नतमस्तक हूं उस सैनिकों और परिवारों के आगे जिन्होंने स्वतंत्रता की लड़ाई में खुद को न्योछावर कर दिया. इस क्रम में पीएम मोदी ने कहा कि आजाद हिंद सरकार सिर्फ नाम नहीं था, बल्कि नेताजी के नेतृत्व में इस सरकार द्वारा हर क्षेत्र से जुड़ी योजनाएं बनाई गयी थीं. बताया कि आजाद हिंद सरकार का अपना बैंक, अपनी मुद्रा, अपना डाक टिकट था. अपना गुप्तचर तंत्र भी था. नेताजी का एक ही उद्देश्य, एक ही मिशन था भारत की आजादी.
इसे भी पढ़ें – यह मामला सीधा आपकी जेब से जुड़ा हुआ है…

130 करोड़ लोग नये भारत के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहे हैं
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा आज भारत के 130 करोड़ लोग नये भारत के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहे हैं. एक ऐसा नया भारत, जिसकी कल्पना सुभाष बाबू ने भी की थी. पीएम मोदी ने कहा कि कैम्ब्रिज के अपने दिनों को याद करते हुए सुभाष बाबू ने लिखा था, हम भारतीयों को सिखाया जाता है कि यूरोप, ग्रेट ब्रिटेन का ही बड़ा स्वरूप है. इसलिए हमारी आदत यूरोप को इंग्लैंड के चश्मे से देखने की हो गयी है. आज मैं निश्चित तौर पर कह सकता हूं कि स्वतंत्र भारत के बाद के दशकों में अगर देश को सुभाष बाबू, सरदार पटेल जैसे व्यक्तित्वों का मार्गदर्शन मिला होता, भारत को देखने के लिए वह विदेशी चश्मा नहीं होता, तो स्थितियां बहुत भिन्न होती. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह दुखद है कि एक ही परिवार को बड़ा बताने के लिए, देश के अनेक सपूतों, वो चाहें सरदार पटेल हों, बाबा साहेब आंबेडकर हों, उन्हीं की तरह ही, नेताजी के योगदान को भी भुलाने का प्रयास किया गया. मोदी ने कहा कि आजादी के लिए जो समर्पित हुए वो उनका सौभाग्य था, हम जैसे लोग जिन्हें ये अवसर नहीं मिला, हमारे पास देश के लिए जीने का, विकास के लिए समर्पित होने का मौका है.
इसे भी पढ़ें – हिंदुस्तान ऐरोनॉटिक्स लिमिटेड के पास नहीं बचा खास काम, ऑर्डर्स की कमी
प्रधानमंत्री मोदी अंडमान-निकोबार जायेंगे
भारत अब एक ऐसी सेना के निर्माण की तरफ बढ़ रहा है, जिसका सपना नेताजी ने देखा था. जोश, जुनून और जज्बा तो हमारी सैन्य परंपरा का हिस्सा रहा ही है. हमारी सैन्य ताकत हमेशा से आत्मरक्षा के लिए रही है और आगे भी रहेगी. मेादी ने कहा कि हमें कभी किसी दूसरे की भूमि का लालच नहीं रहा, लेकिन भारत की संप्रभुता के लिए जो भी चुनौती बनेगा, उसको दोगुनी ताकत से जवाब मिलेगा. बतादें कि 75 साल पहले 21 अक्टूबर 1943 के दिन सुभाष चंद्र बोस ने आजाद भारत की पहली अस्थाई सरकार बनाई थी. प्रधानमंत्री ने आज फिर झंडा फहरा कर उन्हें श्रद्धांजलि दी है. प्रधानमंत्री मोदी अंडमान-निकोबार जायेंगे, जहां सुभाष चंद्र बोस और आजाद हिंद फौज की यादों को सहेजा जायेगा. इस दौरान पीएम मोदी वहां सेलुलर जेल का भी निरक्षण करेंगे जहां काला पानी की सजा के दौरान स्वतंत्रता सेनानियों को रखा जाता था. कार्यक्रम में संस्कृति मंत्री महेश शर्मा और आजाद हिंद फौज के सिपाही लाती राम और सुभाष चंद्र बोस के परिवार के सदस्य भी शामिल हुए.




