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रिक्त पदों पर नियुक्ति को लेकर हाईकोर्ट ने सरकार से मांगा जवाब

लोकायुक्त, मानवाधिकार आयोग सहित विभिन्न आयोगों में नियुक्ति का मामला

Ranchi : लोकायुक्त ,मानवाधिकार आयोग सहित विभिन्न अथॉरिटी एवं आयोगों के रिक्त पदों पर नियुक्ति को लेकर दायर जनहित याचिका पर आज झारखंड उच्च न्यायालय में मुख्य न्यायमूर्ति डॉ रवि रंजन एवं न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद की खंडपीठ में सुनवाई हुई. मामले की सुनवाई करते हुए खंडपीठ ने राज्य सरकार को शपथ पत्र के माध्यम से यह बताने को कहा है कि राज्य में विभिन्न प्राधिकरण एवं आयोगों के कितने पद रिक्त हैं और किन- किन पदों पर अभी तक नियुक्ति हो चुकी है.इस संबंध में अदालत राज्य सरकार से विस्तृत जानकारी मांगी है. इसके लिए अदालत ने अगली सुनवाई के लिए 17 दिसंबर तारीख निर्धारित की है. इस दौरान मामले की विस्तृत सुनवाई होगी.

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आपको बता दें कि राज्य के विद्युत नियामक आयोग, सूचना आयोग, मानवाधिकार आयोग, राज्य महिला आयोग, बाल अधिकरण एवं सरंक्षण आयोग, शिक्षा न्यायाधिकरण, कार्यालय लोकायुक्त सहित सभी आयोगों में पिछले दो- ढाई सालों से अध्यक्ष और सदस्यों का पद रिक्त है. इसके कारण भ्रष्टाचार, महिला उत्पीड़न, बाल सरंक्षण से संबंधित हजारों मामलों की शिकायतें और अपीलों की सुनवाई लंबित पड़ी हुई है.ऐसे में सरकार का ध्यान आकृष्ट करने के लिए हाईकोर्ट के अधिवक्ता धीरज कुमार ने 3 अगस्त को झारखंड उच्च न्यायालय में जनहित याचिका (PIL No-2894/2021) दायर की थी.

कहां कितने और कब से है पद खाली

1.राज्य विद्युत नियामक आयोग- यहां पर पिछले 17 महीनों से अध्यक्ष का पद खाली है. 12 मई 2020 को तत्कालीन अध्यक्ष अरविंद प्रसाद ने अपने पद इस्तीफा दे दिया था. इसके बाद से यह पद खाली पड़ा है.
2.राज्य सूचना आयोग– यहां पर पिछले डेढ़ सालों से मुख्य सूचना आयुक्त और सूचना आयुक्त के पद रिक्त पड़े हैं. ऐसे में यहां पर 7669 अपीलें और 2600 शिकायतों की सुनवाई ठप पड़ी है.
3.राज्य मानवाधिकार आयोग- यहां पर पिछले 6 महीनों से एक सदस्य का पद खाली पड़ा हुआ है.
4.राज्य महिला आयोग- यहां पर पिछले एक सालों से अध्यक्ष, सचिव सहित 4 सदस्यों के पद खाली पड़े हुए है. पूर्व अध्यक्ष कल्याणी शरण का कार्यकाल समाप्त होने के बाद से अध्यक्ष का पद खाली पड़ा हुआ है. ऐसे में कई पीड़ित महिलाओं को इंसाफ मिलने मे देरी हो रही है. महिलाओं से संबंधित करीब 3200 मामले लंबित है.
5.राज्य बाल अधिकरण सरंक्षण आयोग- यहां पर पिछले ढाई सालों से आयोग की सारी गतिविधियां ठप पड़ी हुई है, क्योंकि 22 अप्रैल 2019 के बाद से अध्यक्ष सहित 6 पद खाली पड़े हुए है.
6.झारखंड शिक्षा न्यायाधिकरण- यहां पर पिछले 3 महीने से एक सदस्य का पद खाली है.
7.कार्यालय लोकायुक्त – राज्य सरकार के विभिन्न विभागों में फैले भ्रष्टाचार से जुड़े मामले की सुनवाई लोकायुक्त कार्यालय में होती है. ऐसे में किसी भी राज्य में लोकायुक्त का पद महत्वपूर्ण होता है, जो कि पिछले 4 महीनों से खाली है.पद रिक्त होने के कारण 1700 से अधिक केसों की सुनवाई और जजमेंट का काम लंबित पड़ा हुआ है.

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