
Ranchi: गुमला के कामडारा में पांच लोगों के सामूहिक नरसंहार मामले में हाईकोर्ट में सुनवाई हुई. 24 फरवरी को हुई इस घटना पर हाईकोर्ट की ओर से सरकार से जवाब मांगा गया है. कोर्ट ने चार मार्च की सुनवाई के दौरान ही सरकार से इसकी जानकारी मांगी थी.
गुरुवार को हुई सुनवाई में भी कोर्ट ने सरकार से पूछा कि डायन-बिसाही जैसे अंधविश्वास को रोकने के लिये सरकार ने क्या पहल की है. वहीं इस मामले में कार्रवाई कहां तक पहुंची है. कोर्ट ने सरकार पक्ष के वकील को आठ अप्रैल तक का समय दिया है. मामले की अगली सुनवाई आठ अप्रैल को होगी.
बता दें कि गुमला में हुए नरसंहार के बाद हाइकोर्ट ने मामले में स्वत संज्ञान लिया था. चार अप्रैल को हुई सुनवाई में कोर्ट ने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा था कि सरकार को नींद से जागने की जरूरत है.
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क्या है मामला
घटना 24 फरवरी की है. गुमला के बुरूहातु में एक ही परिवार के पांच लोगों की हत्या कर दी गयी थी. हत्या कुल्हाड़ी से काट कर की गयी थी. वहीं 26 फरवरी को कामडारा पुलिस ने आठ लोगों को मामले में गिरफ्तार किया.
पिछली सुनवाई में हाइकोर्ट ने मुख्य सचिव, डीजी और कल्याण विभाग के सचिव से 18 फरवरी तक जवाब दाखिल करने कहा है. वहीं झालसा की टीम को उक्त स्थल का दौरा कर हाईकोर्ट में रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया गया है.
डायन बिसाही के मामले के नाम पर हुई हत्या
पुलिस जांच के मुताबिक पांच लोगों की हत्या डायन बिसाही के नाम पर की गयी. मरने वालों में भालवीन तोपनो, निकुदीन तोपनो, जोस्पीना तोपनो, भीनसेंट तोपनो, शिववंती तोपनो शामिल हैं. इसमें से भालवीन तोपनो पांच वर्षीय बालक था.
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