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हेमंत बोले- आम जनता का विश्वास जीते पुलिस

  • अपराध नियंत्रण के लिए कड़े कदम उठाने के दिये निर्देश
  • स्टूडेंट्स को मिलेगी कम्युनिटी पुलिसिंग की ट्रेनिंग

Ranchi  : राज्य में अपराध नियंत्रण के लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बेहतर पुलिसिंग की व्यवस्था पर जोर दिया है. उन्होंने कहा है कि बेहतर पुलिसिंग के माध्यम से इस पर काबू पाया जा सकता है. हेमंत ने इसके लिए पुलिस द्वारा आम जनता का विश्वास जीतने की बात भी कही है. हेमंत ने ये बातें गुरुवार को गृह एवं कारा विभाग की समीक्षा बैठक में कहीं.

बैठक में हेमंत को बताया गया कि स्कूल और कॉलेजों में पढ़नेवाले स्टूडेंट्स को कम्युनिटी पुलिसिंग की ट्रेनिंग दी जायेगी. इसके लिए हर जिले में 10-10 स्कूलों का चयन किया जाना है. इन स्कूलों के चयनित स्टूडेंट्स को कम्युनिटी पुलिसिंग की ट्रेनिंग दी जायेगी. ट्रेनिंग प्राप्त करनेवाले स्टूडेंट्स संबंधित थानों को सहयोग करेंगे. वहीं, अपराध, अग्निशमन समेत अन्य सभी तरह की आपराधिक घटनाओं और पुलिस की सेवा के लिए सीसीटीएसएन योजना के तहत डायल 112 की शुरुआत हो रही है. इसके तहत आम जनता अपनी समस्याओं और घटनाओं की जानकारी पुलिस को दे सकेंगे.

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साइबर अपराध रोकने के लिए बनायें अलग सिस्टम

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज तेजी से साइबर अपराध बढ़ रहे हैं. साइबर अपराधियों पर नियंत्रण तथा साइबर अपराध के अनुसंधान के लिए अलग से सिस्टम बनायें. इसके लिए पदों का सृजन कर नियुक्ति प्रक्रिया शुरू की जाये, ताकि साइबर अपराध को नियंत्रित करने की गति तेज हो सके. सीएम को बताया गया कि महिलाओं और बच्चों को साइबर अपराध से बचाने के लिए कार्यक्रम शुरू किया जा रहा है. इसके साथ ऑनलाइन साइबर रजिस्ट्रेशन यूनिट,  कैपेसिटी बिल्डिंग यूनिट,  अवेयरनेस क्रिएशन यूनिट और रिसर्च एंड डेवलपमेंट यूनिट का गठन किया जा रहा है.

होमगार्ड जवानों का बेहतर तरीके से इस्तेमाल हो

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में लगभग 36,000 होमगार्ड जवानों के स्वीकृत पद हैं. इनमें लगभग 19,000 को  दैनिक कार्य के आधार पर भत्ता दिया जाता है. इस वजह से कई जवानों को रोज कार्य नहीं मिल पाता है. उन्होंने सरकारी विभागों और अन्य सरकारी उपक्रमों में सुरक्षा जवान के रूप में होमगार्ड जवानों की सेवा लेने के लिए  संभावनाओं को तलाशने पर भी काम करने का निर्देश दिया है.

विधि विशेषज्ञों का पैनल बनायें

मुख्यमंत्री ने कहा कि अदालतों में लगभग 1.70 लाख मामले लंबित हैं. समय पर मामलों का निष्पादन नहीं हो रहा है. इसकी वजह कानूनी सलाह मिलने में विलंब होना है. मुख्यमंत्री ने कहा कि जब राज्य के लगभग सभी थानों में ऑनलाइन सिस्टम है, तो मुख्यालय में विधि विशेषज्ञों का पैनल बनाने की दिशा में कार्ययोजना बनायें.

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