JharkhandLead NewsRanchi

गांव की सरकार के प्रतिनिधियों का 19 दिसंबर को रांची में होगा जुटान

राज्यभर से 500 से अधिक पंचायत प्रतिनिधियों के जुटने की उम्मीद

Ranchi : झारखंड की गांव की सरकार के प्रतिनिधि राजधानी रांची में 19 दिसंबर को जुटेंगे. इसमें राज्यभर से 500 से अधिक पंचायत प्रतिनिधियों के जुटने की उम्मीद है. ये सभी प्रतिनिधि पुराने विधानसभा भवन के विधायक सभागार में बैठेंगे. राज्य मुखिया संघ के पदाधिकारी और बुंडू-पेटरवार (बोकारो) के मुखिया अजय सिंह के अनुसार हेमंत सरकार जल, जंगल और जमीन के मुद्दे पर ही सत्ता में आयी है. गांव, किसानों का दर्द वह बखूबी समझती है. ऐसे में अगले साल जनवरी के बाद विदा हो रही गांव की सरकार के लिए सकारात्मक पहल किये जाने की मांग उनसे की जायेगी.

सत्ता का विकेंद्रीकरण जरूरी

अजय सिंह ने कहा कि गांव समाज का विकास बीडीओ, सीओ के भरोसे नहीं होनेवाला. इसे महसूस करने के बाद ही देश में पंचायती राज को स्थापित किये जाने की पहल हुई. झारखंड में अरसे बाद 2010 में पहली बार पंचायत चुनाव हुए. 60 हजार से अधिक पंचायत प्रतिनिधि निर्वाचित होकर आये. फिर 2015 में चुनाव हुए. 2010 से अब तक गांवों में कई स्तरों पर सकारात्मक बदलाव आय़े. इस साल पंचायत चुनाव संभव नहीं हो सका, लेकिन अगर समय रहते इस पर जल्दी से जल्दी काम नहीं हुआ, तो फिर से बाबूगिरी,

बिचौलियागिरी और करप्शन के केस राज्य में बढ़ेंगे. महाजुटान के दौरान सरकार से मांग होगी कि पंचायत चुनाव होने तक पंचायतों के ही हाथों गांव के विकास की जिम्मेदारी बनी रहे. इसके लिए जरूरी है कि पंचायत चुनाव होने तक वित्तीय शक्ति पंचायतों के हाथों में बनी रहे. इसके लिए सीएम, मंत्री और पंचायती राज विभाग को आग्रह पत्र भी दिया जायेगा.

जनवरी के बाद विदाई

राज्य मुखिया संघ के अनुसार पिछली बार 2015 में पंचायत चुनाव हुए थे. चार जनवरी 2016 को पंचायत प्रतिनिधियों का शपथ ग्रहण हुआ था. झारखंड पंचायती राज एक्ट की धारा 25 (ए) के प्रावधान के अनुसार जिस तिथि को पंचायत की पहली बैठक हुई है, उस तिथि से अगले पांच सालों तक पंचायती व्यवस्था बनी रहेगी. इस हिसाब से जनवरी 2016 में राज्य की तकरीबन 4500 पंचायतों में पंचायतों की पहली बैठक हुई थी. यानी जनवरी 2021 के बाद ही राज्य में गांव की सरकार विदा हो जायेगी.

Related Articles

Back to top button