
Ranchi: झारखंड के एचईसी क्षेत्र में सरकार कोर कैपिटल बना रही है. यहां पर हाईकोर्ट और विधानसभा का नया भवन निर्माण कार्य चल रहा है. वहीं दूसरी ओर एचईसी की जमीन रैयतों को विस्थापितों की परिभाषा परिभाषित किये बिना ही गैर विस्थापितों को आवास का लाभ दिया जा रहा है. इससे यहां के मूल विस्थापितों में गुस्सा है. लोगों का मानना है कि सरकार उनकी जमीन लेकर उनका हक दूसरों को दे रही है. इसके खिलाफ यहां के लोग अब आर-पार की लड़ाई लड़ने के लिए मन बना चुके हैं. झारखंड सरकार के कोर कैपिटल निर्माण से प्रभावित एचईसी के विस्थापितों ने इसका घोर विरोध किया.
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कुटे गांव में एसइसी के विस्थापितों ने की बैठक
एचईसी विस्थापितों से जुडे मूल रैयतों की आपातकालीन बैठक कुटे गांव में की गई. ठाकुर नवीन नाथ शाहदेव की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में कुटे, आनी, मुडमा, नया सराय, तिरील, जगन्नाथपुर और लाबेद के रैयत विस्थापितों ने भाग लिया. बैठक में विस्थापितों ने तय किया कि वह अपनी बातों से पहले राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल मुख्यमंत्री, स्थानीय विधायक व सांसद, राष्ट्रीय अनुसूचित आयोग और मानवाधिकार आयोग को ज्ञापन भेजकर अवगत करायेंगे. साथ ही बैठक में कोर कैपिटल में विस्थापितों की स्थायी नियुक्ति सुनिश्चित करने के लिए निर्णायक आंदोलन का निर्णय लिया.
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बैठक में ये लोग थे मौजूद
बैठक में कुणाल शाहदेव, करमदेव सिंह, महेंद्र मिर्धा, दिलीप बैठा, अतुल शाहदेव, सुशांत शाहदेव, रूपेश बैठा, विमल महली, मघिया उरांव, आलोक शाहदेव, जाबिर हुसैन, आदिल हसन, डॉ जितेंद्र कुमार सिंह समेत दर्जनों लोग शामिल हुए.
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