
Ranchi : आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए हेमंत सोरेन ने एक बार फिर लोकलुभावन घोषणा की है.
हेमंत ने कहा है कि विधानसभा चुनाव के बाद उनकी सरकार बनी तो पहले ही कैबिनेट से पुरानी पेंशन स्कीम को लागू किया जायेगा.
हेमंत ने यह बातें रविवार को रांची के मोरहाबादी मैदान में एनएमओपीएस (नेशनल मूवमेंट फॉर ओल्ड पेंशन स्कीम) की ओर से आयोजित सभा के दौरान कही.
पुरानी पेंशन योजना लागू करने की मांग कर रहे कर्मियों की ओर से आयोजित इस सभा में जेएमएम कार्यकारी अध्यक्ष बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित हुए थे.
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अधिक समय सत्ता पर रहने वाली सरकारों पर आ जाता है अहंकार
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार के बजट पर अगर यह स्कीम बोझ नहीं बनता है तब ही यह स्कीम लागू करना संभव है. उन्होंने कहा कि जेएमएम आपकी मांगों के साथ कदम से कदम मिलाकर खड़ी है.
उन्होंने कहा कि एनएमओपीएस की मांगों को जेएमएम के चुनावी मुद्दा में शामिल किया जायेगा. वर्तमान में जो डबल इंजन की सरकार है उसे जनता की परेशानियों से कोई लेना देना नही है.
कोई भी सरकार अधिक समय तो सत्ता पर काबिज होती है उसमें अहंकार आ जाता है. वैसे सरकारों को जनता उखाड़ फेंकने का काम करे. कोई भी सरकार दस वर्षों तक नही होनी चाहिए.
दक्षिण में कोई भी सरकार पांच वर्षों से अधिक नही होती, जिसके कारण सरकार दबाव में बेहतर काम करती है.
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पुरानी पेंशन योजना लागू करे सरकार : संगठन सचिव
सभा को संबोधित करते हुए एनएमओपीएस के संगठन सचिव संजय कुमार ने कहा कि हमारी सिर्फ एक ही मांग है वह पुरानी पेंशन योजना सरकार लागू करें.
उन्होंने कहा कि मंत्री, सांसद, विधायक पेंशन योजना का लाभ लेते हैं पर शिक्षक इस योजना से क्यों वंचित हो जाते हैं.
उन्होंने कहा कि मंत्री, सांसद, विधायक को किसी शिक्षक ने ही ज्ञान दिया होगा पर ज्ञान अधिक मात्रा में मिल जाने पर हानि का रूप धारण कर चुकी है.
कांके सीईओ और इंस्पेक्टर के समझाने पर वापस लौटे कर्मी
सभा समाप्त होने के बाद एनएमओपीएस के आंदोलनकारी सड़क मार्ग से सीएम आवास की ओर बढ़े जिसे मोरहाबादी मैदान में ही पुलिस ने रोक लिया.
इस दौरान उन्हें कांके सीईओ राजेश मिश्रा और इंस्पेक्टर राजीव कुमार ने समझा बुझाकर वापस लौटाया जिसके बाद एनएमओपीएस कर्मियों ने सीएम आवास घेराव का फैसला वापस लिया.
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