
NewDelhi : हरियाणा कैडर के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अशोक खेमका का एक बार फिर तबादला हो गया है. बता दें कि हरियाणा सरकार ने 1991 बैच के वरिष्ठ नौकरशाह अशोक खेमका समेत नौ आईएएस अधिकारियों के तत्काल प्रभाव से स्थानांतरण का आदेश रविवार को जारी किये. बता दें कि कांग्रेस नेता सोनिया गांधी के दामाद राबर्ट वाड्रा के जमीन सौदे के मामले को लेकर अशोक खेमका चर्चा में आये थे. खेल और युवा मामलों के विभाग के प्रधान सचिव अशोक खेमका को विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के प्रधान सचिव बना कर भेजा गया है. वहां उन्हें पूर्व में भी तैनात किया जा चुका है. लगभग 15 माह पूर्व खेल और युवा मामलों के विभाग में तैनात आईएएस अधिकारी खेमका का अब तक उनके कैरियर में 50 बार से अधिक बार तबादला किया जा चुका है. गिनती करें तो यह अशोक खेमका का यह 52वां तबादला है.
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52वें तबादले के बाद अशोक खेमका ने ट्विटर पर बात रखी
52वां तबादले के बाद अशोक खेमका ने ट्विटर पर अपनी बात रखी है. बता दें कि आईएएस अधिकारी अशोक खेमका ने मंगलवार को टि्वटर पर अपने तबादले को लेकर लोगों के सवालों के जवाब दिये. उन्होंने ट्वीट करते हुए कहा, किसके हितों की रक्षा करूं? तुम्हारा या उनका जिनका आप प्रतिनिधित्व का दावा करते हैं? दम्भ है हमें पैरों तले रौंदोगे. शौक से, कई बार सहा है, एक बार और सही. खेमका का ट्वीट उनके रविवार को हुए तबादले के दो दिन बाद आया है. अशोक खेमका 1991 बैच के हरियाणा काडर के आईएएस हैं. 27 साल में 52 बार ट्रांसफर हो चुका है. गुरुग्राम में सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा की जमीन सौदे से जुड़ी जांच के कारण अशोक खेमका सुर्खियों में रहे. कहा जाता है कि अशोक खेमका जिस भी विभाग में जाते हैं, वहीं घपले-घोटाले उजागर करते हैं, जिसके चलते अक्सर उन्हें ट्रांसफर झेलना पड़ता है.
भूपिंदर सिंह हुड्डा के शासनकाल में बतौर व्हिसिल ब्लोवर कई घोटालों का खुलासा कर चुके हैं. अशोक खेमका पश्चिम बंगाल के कोलकाता में पैदा हुए. फिर आईआईटी खड़गपुर से 1988 में बीटेक किया और बाद में कंप्यूटर साइंस में पीएचडी की. बिजनेस एडिमिनिस्ट्रेशन में उनके पास एमबीए की डिग्री भी है.




