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कर्मचारियों का वेतन पिछले साल से अधिक बढ़ेगा,  लेकिन बढ़ोत्तरी सिंगल डिजिट में ही : सर्वे

NewDelhi :  एऑन सैलरी इंक्रीज सर्वे के अनुसार इस साल सैलरीड क्लास का वेतन पिछले साल से अधिक बढ़ेगा लेकिन यह बढ़ोतरी सिंगल डिजिट में ही रहेगी. एऑन सैलरी इंक्रीज सर्वे कहता है कि 2019 में ‌एवरेज सैलरी इंक्रीमेंट 9.7 पर्सेंट होगा, जो पिछले साल 9.5 पर्सेंट था. सर्वे की मानें तो स्किल के हिसाब से कर्मचारियों की सैलरी बढ़ेगी. बता दें कि खास स्किल वाले हाई परफॉर्मेंस वालों की सैलरी  2.2 गुना तक बढ़ सकती है.  सर्वे में कहा गया है कि सबसे अधिक इंक्रीमेंट डेटा ऐनालिटिक्स, डिजिटल, क्लाउड कंप्यूटिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ऐंड मशीन लर्निंग और सायबर सिक्यॉरिटी प्रफेशनल्स को मिलेगा. कन्ज्यूमर इंटरनेट, प्रोफेशनल सर्विसेज, फाइनैंशल इंस्टीट्यूशंस, हाई-टेक और आईटीईएस सेक्टर में हाई परफॉर्मर्स की सैलरी में अच्छी  बढ़ोत़्तरी होगी.
सर्वे में 20 से अधिक इंडस्ट्रीज में 1,000 से अधिक कंपनियों के डेटा का विश्लेषण किया गया. इनमें से 16 इंडस्ट्रीज ने जानकारी दी कि वह पिछले साल के बराबर ही इंक्रीमेंट देंगी. हालांकि लाइफ साइंसेज, केमिकल, एनर्जी, इंजीनियरिंग मैन्युफैक्चरिंग, मेटल, इंजीनियरिंग डिजाइन, हाई-टेक, रिटेल और फाइनैंशल इंस्टीट्यूशंस ने पिछले साल की तुलना में इस साल इंक्रीमेंट का अधिक बजट रखा है.

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भारत में पिछले 10 साल से सबसे अधिक इंक्रीमेंट होता आया है

बताया गया कि इन कंपनियों को आने वाले समय में अच्छी ग्रोथ की उम्मीद है. उनका कहना है कि कम महंगाई दर के बीच उन्हें डिमांड में बढ़ोतरी होने की उम्मीद है.  एऑन में इमर्जिंग मार्केट्स के हेड आनंदोरूप घोष ने कहा कि जो कंपनियां जून से जुलाई का अप्रेजल साइकल फॉलो करती हैं, उनमें इंक्रीमेंट पर लोकसभा चुनाव का असर पड़ सकता है. बताया कि एशियाई देशों में भारत में पिछले 10 साल से सबसे अधिक इंक्रीमेंट होता आया है और इस ट्रेंड के आगे भी जारी रहने की उम्मीद है.  सर्वे के अनुसार कन्ज्यूमर इंटरनेट, प्रोफेशनल सर्विसेज, लाइफ साइंसेज, ऑटोमोटिव और कन्ज्यूमर प्रॉडक्ट्स सेक्टर में सैलरी में दोहरे अंकों में बढ़ोतरी होगी. हालांकि, सभी सेक्टर्स में अप्रेजल में बेलकर्व को लेकर काफी सख्ती की जा रही है. सर्वे में सामने आया कि  2018 में सिर्फ 7.8 पर्सेंट एंप्लॉयीज को कंपनियों ने टॉप परफॉर्मर कैटिगरी में रखा था.  घोष के अनुसार यह ट्रेंड भी आगे बढ़ेगा.

बताया गया कि मैन्युफैक्चिरिंग और सर्विसेज सेक्टर के बीच सैलरी हाइक का फासला कम हो रहा है.  दोनों का अंतर घटकर औसतन महज एक पर्सेंट रह गया है.  2017 के बाद से सैलरी इंक्रीमेंट 10 पर्सेंट से नीचे रहा है.  इससे पहले 2007 से 2016 (2009 में सिर्फ 6.6 पर्सेंट) के बीच इंक्रीमेंट में दोहरे अंकों में बढ़ोतरी हुई थी.

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