
Varanasi: ज्ञानवापी परिसर में आज तीसरा दिन सर्वे का काम शुरू हो चुका है. अब तक दो दिनों में चार-चार घंटे में 80 फीसदी हिस्से का वीडियोग्राफी सर्वे पूरा हो चुका है. जाहिर है आज बीस फीसदी हिस्से का सर्वे चल रहा है. मालूम हो कि सर्वे के बाद वीडियोग्राफी की चिप कोर्ट कमिश्नर को सौंप दी जाएगी. 17 मई को सर्वे रिपोर्ट वाराणसी की सिविल जज सीनियर डिवीजन रवि कुमार दिवाकर की कोर्ट में पेश की जाएगी.
सुरक्षा के मद्देनजर आज भी ज्ञानवापी परिसर के आसपास भारी संख्या में सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है. परिसर के 500 मीटर के दायरे में पब्लिक की एंट्री बैन कर दी गई है. चारों तरफ से आने वाले रास्तों पर सुरक्षा बलों का पहरा है. ज्ञानवापी के पास वाले गेट नंबर-4 से काशी विश्वनाथ मंदिर में प्रवेश नहीं दिया जा रहा है. गेट नंबर-1 से श्रद्धालुओं की एंट्री हो रही है. एक किलोमीटर के दायरे में करीब 1500 पुलिस और पीएसी के जवानों की ड्यूटी लगाई गई है. 500 मीटर के दायरे में सुरक्षा में जवान मुस्तैद है, छतों पर फोर्स तैनात कर दी गई है. आसपास की दुकानों को सर्वे होने तक बंद रखा गया.
हालांकि, सर्वे की अधिकारिक रिपोर्ट फिलहाल सामने नहीं आ रहा है. मगर दोनों पक्षों की ओर अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं. मालूम हो कि दिल्ली की रहने वाली राखी सिंह और बनारस की रहने वाली लक्ष्मी देवी, सीता साहू, मंजू व्यास और रेखा पाठक की ओर ने वाराणसी की सिविल जज सीनियर डिवीजन की कोर्ट में 18 अगस्त 2021 में एक याचिका दाखिल की थी. जिसमें कहा गया था कि ज्ञानवापी परिसर में हिंदू देवी-देवताओं का स्थान है. इन्होंने नियमित दर्शन-पूजन की अनुमति की मांग की थी. साथ ही मांग की गई थी कि परिसर स्थित अन्य देवी-देवताओं की सुरक्षा के लिए सर्वे कराकर स्थिति स्पष्ट करने की बात भी याचिका में कही गई.




