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हुनर के साथ रोजगार देना सरकार की प्राथमिकताः मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री ने किया Safe and Responsible Migration Initiative (SRMI) का शुभारंभ

Ranchi: जीवन के बेहतरी के लिए गरीब, मजदूर, किसान, नौजवान, हम-आप सभी लोग माइग्रेट करते हैं. हमारे झारखंड राज्य से भी रोजगार के लिए बड़े पैमाने पर श्रमिकों का दूसरे राज्यों एवं देशों में पलायन होता है, परंतु आज तक प्रवासी श्रमिकों के सुरक्षित और जवाबदेह पलायन के लिए कोई ठोस नीति अथवा व्यवस्था नहीं बनाई गई है. वर्तमान राज्य सरकार का प्रयास है कि झारखंड से जो भी श्रमिक एवं अन्य लोग रोजगार की तलाश में दूसरे राज्य अथवा देशों में जाते हैं, उनका हम पूरा डाटा बेस तैयार कर सके और नीति के तहत उन्हें विपत्ति के समय मदद पहुंचा सकें.

उक्त बातें मुख्यमंत्री ने आज झारखंड मंत्रालय स्थित सभागार में आयोजित Safe and Responsible Migration Initiative (SRMI) के शुभारम्भ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कही.

मुख्यमंत्री श्री सोरेन ने कहा कि रोजगार के बेहतर साधन के लिए राज्य के लोग देश के अलग-अलग राज्यों एवं विदेशों में भी पलायन करते हैं.

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अपने जीवन स्तर को सकारात्मक दिशा की ओर ले जाने के लिए स्वाभाविक है कि हमें दूसरे जगहों पर पलायन करना पड़ता है. इन सभी चीजों को मद्देनजर रखते हुए माइग्रेशन पर राज्य सरकार ने प्रवासी श्रमिकों के लिए ठोस नियम-व्यवस्था बनाने का कार्य प्रतिबद्धता के साथ कर रही है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड के अधिकतर मजदूर एक निश्चित समय-सीमा के लिए पलायन करते हैं, परंतु कुछ ऐसे भी मजदूर हैं जो लंबे समय तक दूसरे जगहों पर बसने भी जाते हैं.

जो मजदूर एक निश्चित समय अवधि के लिए रोजगार हेतु बाहर जाते हैं उनके साथ क्या बितता है यह कोरोना काल के समय हम सभी को एहसास हुआ है.

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श्रमिकों के संरक्षण के लिए ई-श्रम पोर्टल कारगर

मुख्यमंत्री श्री सोरेन ने कहा कि राज्य के प्रवासी मजदूरों को संरक्षित करने के लिए सरकार द्वारा ई-श्रम पोर्टल बनाया गया है. इस पोर्टल के तहत प्रवासी श्रमिकों का रजिस्ट्रेशन किया जाता है.

ताकि विपत्ति के समय राज्य सरकार उन्हें तत्काल मदद पहुंचा सके. मुख्यमंत्री ने राज्य के प्रवासी श्रमिक से अपील की है कि इस पोर्टल में वे अपना रजिस्ट्रेशन अवश्य कराएं.

वैसे प्रवासी श्रमिक जो दूसरे देशों में काम करते हैं उन्हें कैसे संरक्षित कर सके इस निमित्त केंद्र एवं राज्य सरकार के बीच समन्वय स्थापित करने की भी आवश्यकता है.

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संसाधनों को आधुनिक बनाकर अधिक से अधिक रोजगार सृजन करने की योजनाः

मुख्यमंत्री ने कहा कि कौशल विकास के तहत हुनर एवं रोजगार की बेहतर व्यवस्था तलाशने का काम सरकार निरंतर कर रही है. राज्य में विकास के पैमाने अनेक हैं. उद्योग, कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य सहित कई ऐसे संसाधन हैं जिससे रोजगार सृजन किए जा सकते हैं. इन संसाधनों को आधुनिक बनाकर अधिक से अधिक रोजगार सृजन सरकार की योजना है.

राज्य सरकार स्किल यूनिवर्सिटी स्थापित किए जाने को लेकर विचार कर रही है. जल्द ही राज्य में स्किल यूनिवर्सिटी की भी स्थापना की जाएगी.

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संक्रमण के दौरान झारखंड में बेहतर काम हुआः

इस अवसर पर श्रम मंत्री सत्यानंद भोक्ता ने कहा कि पूरे संक्रमण काल में झारखंड ने सबसे बेहतर कार्य कर दिखाया है. राज्य में आज तक प्रवासी श्रमिकों का सही-सही आंकड़ा उपलब्ध नहीं था, परंतु हमारी सरकार ने वैश्विक महामारी के दौरान एक-एक प्रवासी श्रमिकों का डाटाबेस तैयार करने का काम किया है.

श्रम मंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने बिना कोई भेदभाव के सभी जाति,धर्म,समुदाय के लोगों के साथ तथा सभी जनप्रतिनिधियों के साथ समन्वय बनाकर कोरोना संक्रमण से राज्यवासियों को बचाने का काम किया था.

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माइग्रेशन सिर्फ नकारात्मक ही नहीं बल्कि सकारात्मक भी होता हैः सुखदेव सिंह

इस अवसर पर राज्य के मुख्य सचिव सुखदेव सिंह ने कहा कि ह्यूमन माइग्रेशन के कई पहलू हैं. माइग्रेशन सिर्फ नकारात्मक ही नहीं बल्कि सकारात्मक भी होता है. माइग्रेशन पुराने जमाने से चला आ रहा है. कोई भी व्यक्ति देश के किसी भी हिस्से में रह सकता है. लोग जीवन की बेहतरी के लिए पलायन करते हैं.

राज्य सरकार ने प्रवासी मजदूरों के पलायन को सुरक्षित बनाने हेतु पॉलिसी बनाने का काम किया है. मुझे विश्वास है कि Safe and Responsible Migration Initiative (SRMI) मजदूरों के सुरक्षित पलायन में मील का पत्थर साबित होगा.

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इनकी रही उपस्थितिः

इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सचिव विनय कुमार चौबे, श्रम, नियोजन एवं प्रशिक्षण विभाग के सचिव प्रवीण कुमार टोप्पो, मनरेगा आयुक्त बी.राजेश्वरी, श्रम आयुक्त ए. मुथुकुमार, SRMI के सहयोगी फिया फाउंडेशन के स्टेट हेड जॉनसन टोपनो, एसोसिएट प्रोफेसर, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ बिजनेस हैदराबाद डॉ अश्विनी, निदेशक सीएमआईडी विनय पीटर, एसोसिएट इन्वेस्टमेंट ओमीदयर नेटवर्क इंडिया एवं पीडीएजी के प्रतिनिधि एवं अन्य उपस्थित थे.

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