JharkhandLead NewsRanchi

वाहनों की फिटनेस जांच का काम निजी हाथों में सौंपेगी सरकार, पीपीपी मोड पर संचालित होंगे ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन

तीन करोड़ के मालकियत वाले ऑपरेटर खोल सकेंगे स्टेशन

Nikhil Kumar

Ranchi : झारखंड में निजी और परिवहन वाहनों की फिटनेस जांच का काम निजी हाथों में सौंपा जा सकता है. स्वचालित उपकरणों के माध्यम से वाहनों के फिटनेस परीक्षण की प्रक्रिया और स्वचालित परीक्षण स्टेशनों द्वारा फिटनेस प्रमाण पत्र प्रदान करने के लिए झारखंड के सभी जिलों में अब वाहनों का ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन स्थापित किया जायेगा.जिसके संचालन का काम किसी ऑपरेटर, निजी कंपनी, ज्वाइंट वेंचर या पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशीप के तहत किया जायेगा. ऐसे में वाहन संचालकों को अब वाहनों के फिटनेस के लिए बड़े शहरों, रांची जमशेदपुर अथवा धनबाद जिले में नहीं आना पड़ेगा. परिवहन विभाग झारखंड ने इन तीन प्रमुख को छोड़कर राज्य के सभी जिलों ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन स्थापित करने का फैसला लिया है.

इसे भी पढ़ें : रांची : 18 दुकानों और 35 अवैध घरों पर चला रेलवे का बुलडोजर

विभाग ने इसके लिए 10 नवंबर तक इच्छुक योग्य लोगों से आवेदन मांगा है, जो स्टेशन स्थापित करना चाहते हैं. परिवहन विभाग नये स्वचालित प्रशिक्षण स्टेशन के लिए जो आवेदन मांगे हैं उसके लिए इसके ऑनर या ऑपरेटर को कम से कम तीन करोड़ का मलकियत होना जरूरी होगा साथ ही उनका संस्थान लगातार दो सालों से प्रॉफिट में चल रहा हो. इसके अलावा जिस जगह वह स्टेशन स्थापित करना चाहता है वहां जमीन उपलब्ध हो या लीज पर कम से कम 10 साल तक उसके अधिकार में रहे.

इसके अलावा पर्याप्त मैनपवार आदि भी स्टेशन में रखना होगा. नये स्वचालित स्टेशन में प्रशासनिक भवन, स्वागत,जानकारी कक्ष, प्रतिक्षा केंद्र, शैचालय, पार्किंग की व्यवस्था होगी. इसके अलावा साइबर सुरक्षा, वाहनों के डेटा बेस तैयार करने की सुविधा होगी. केद्र में उच्च व निम्न दबाव के प्रेशर सहित कई आधुनिक सुविधाएं होगी. भारत सरकार के 21 सितंबर को जारी राजमार्ग,परिवहन मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अनुसार यह कदम उठाया जा रहा है.

इसके अनुसार यदि कोई वाहन परीक्षण में विफल होता है तो पंजीकृत मालिक या अधिकृत व्यक्ति पुन: परीक्षण के लिए उचित शुल्क जमा कराकर वाहन की फिर से जांच का अनुरोध कर सकता है, यदि इसके बाद भी वाहन फिटनेस जांच में फेल होता है तो संबंधित वाहन के जीवन चक्र को समाप्त घोषित कर दिया जायेगा. नये नियम के अनुसार अपील का भी प्रावधान वाहन मालिकों को दिया जायेगा.

इसे भी पढ़ें : चाईबासा : सड़क किनारे मिला युवक का शव, हत्या की आशंका, पुलिस ने बताया हादसा

इस तरह का होगा स्टेशन

किसी परीक्षण पथ की न्यूनतम लंबाई-चौड़ाई (मीटर में) दोपहिया तिपहिया और हल्के मोटरयान मध्यम और भारी मोटरयान
लंबाई 3 3 5
चौड़ाई 15 32 32
प्रवेश पर घुमाने के लिए न्यूनतम लंबाई 3 10 18
निकासी पर घुमाने के लिए न्यूनतम लंबाई

Related Articles

Back to top button