
New Delhi : केंद्र सरकार ने यह फैसला किया है कि पारा मेडिकल और डॉक्टरी की पढ़ाई के अंतिक चरणवाले छात्रों को भी कोविड ड्यूटी में लगाया जायेगा.
यह भी निर्णय लिया गया कि मेडिकल इंटर्न को भी कोविड ड्यूटी पर तैनात करने की अनुमति दी जायेगी. लेकिन इसके लिए उनके फैकल्टी का सुपरविजन जरूरी होगा.
यह भी निर्णय लिया गया है कि एमबीबीएस के अंतिम वर्ष के छात्रों को टेली कंसल्टेशन और कोविड के माइल्ड केस की मॉनिटरिंग में लगाया जायेगा. इससे मौजूदा डॉक्टरों पर आया दबाव कुछ कम होगा.
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पीजी के फाइनल इयर के छात्रों को रेजेडेंट के तौर पर लगाया जायेगा जब तक कि नया बैच न आ जाये. बीएससी/जीएनएम क्वालिफाइड नर्सों को सीनियर डॉक्टर और नर्सों की देखरेख में फुल टाइम कोविड केयर में लगाया जायेगा.
जो लोग कोविड मैनेजमेंट में इस वक्त सेवा देंगे उन्हें आनेवाली सरकारी नौकरियों में प्राथमिकता दी जायेगी. इसके लिए उन्हें कम से कम 100 कोविड ड्यूटी करनी होगी.
जो लोग भी कोविड ड्यूटी में लगाये जायेंगे उनका वैक्सीनेशन पूरी तरह से किया जायेगा. इसके अलावा उनका बीमा भी कराया जायेगा.
जो भी पारा मेडिकल और डॉक्टर 100 दिन की कोविड ज्यूटी पूरी कर लेंगे उन्हें सरकार की ओर से पीएम कोविड नेशनल सर्विस सम्मान दिया जायेगा.
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