
Ranchi: भाजपा विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी ने राज्य के सभी गांवों में दाल भात केंद्र की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग राज्य सरकार से की है.
सीएम हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर उन्होंने कोरोना आपदा के समय सभी जरूरतमंद लोगों तक भोजन की सुविधा उपलब्ध कराने की अपील करते हुए कुछ सुझाव दिये हैं.
पत्र के अनुसार दाल-भात केंद्र, सामुदायिक किचेन की सुविधाओं के जरिये सरकार अच्छा काम कर रही है.
पर दूर दराज के गांवों में रह रहे गरीब लोगों के लिए लॉक डाउन की स्थिति में इनका लाभ उठाना कठिन काम है.
ऐसी स्थिति में 32640 गांवों में दाल-भात केंद्र की सुविधा बहाल किया जाना प्रभावी कदम होगा.
गांवों के सरकारी स्कूल में टीचर्स की मदद से संचालित हो दाल-भात केंद्र
बाबूलाल ने अपने पत्र में सुझाव देते हुए कहा है कि दाल-भात केन्द्र और थाना में चलाये जा रहे सामुदायिक किचन का लाभ लेना गांवों में रहने वालों के लिए मुश्किल है.
पंचायतों में पड़ने वाले गांवों की पंचायत भवन से दूरी के कारण इसमें बाधा आ रही है. ऐसे में दाल भात केंद्र जैसी सुविधा को गांवों में ही ले जाना चाहिए.
इससे आदिवासी, दलित और अन्य जरूरतमंद लोगों को खाना मिल सकेगा और भूख से मौत के सवाल कम होंगे.
स्थानीय शिक्षकों के सहयोग से प्राथमिक स्कूलों में कच्चे अनाज की व्यवस्था की जाये. एसएचजी की भी मदद ली जा सकती है. उनसे मास्क निर्माण का भी काम लिया जा सकता है.
लॉक डाउन की अवधि में एक गाँव में दाल भात केंद्र के संचालन में औसतन 10 हजार रुपये खर्च करने पर राज्य भर में 32 करोड़ रुपये का खर्च आयेगा. भोजन वितरण में सोशल डिस्टेंसिंग का भी ध्यान रखा जाना होगा.
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6277 भोजन केंद्र से साढ़े 12 लाख लोगों को मिल रहा लाभ
बाबूलाल ने अपने पत्र में लिखा है कि राज्य सरकार के द्वारा 342 थाना में सामुदायिक किचन, 875 दाल भात केंद्र और 498 विशेष दाल भात केंद्र संचालित किये जा रहे हैं.
4562 पंचायतों में सीएम दीदी किचन के जरिये भी लोगों को भोजन मुहैया कराया जा रहा है. कुल मिलाकर राज्यभर में 6277 भोजन केंद्र चलाये जा रहे हैं और उनके माध्यम से 12 लाख 55 हजार 400 लोगों को भोजन कराये जाने की जानकारी दी जा रही है.
लॉक डाउन में परिवहन सेवाओं के अभाव और दूसरे कारणों से सुदूरवर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के सामने सरकार द्वारा संचालित भोजन केन्द्रों तक आना चैलेंज है. सरकार गांव-गांव में दाल भात केंद्र के जरिये उन्हें भोजन मुहैया कराये.
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