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सरकार को बातचीत के जरिए समाधान निकालना चाहिए : किसान नेता

New Delhi: अपनी मांगों को लेकर केंद्र और किसानों के बीच कई दौर की बेनतीजा बातचीत के बाद भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) नेता राकेश टिकैत ने कहा कि बातचीत के जरिए समाधान निकालना चाहिए और केंद्र के साथ लगातार बातचीत जारी है. उन्होंने कहा, वन में रह रहे लोग वातावरण की रक्षा करते हैं.

बिहार से लेकर आंध्र प्रदेश तक जो वन का इलाका है वहां आदिवासी रहते हैं और ‘जंगल’ की पूजा करते हैं. कभी सेना और किसान आमने-सामने खड़े नहीं हुए हैं. हमारी सेना में भी ऐसे लोग हैं जो किसान पृष्ठभूमि से आते हैं.

इसी बीच शुक्रवार को किसान नेता सरवन सिंह पंढेर ने कहा कि खनौरी सीमा पर एक और प्रदर्शनकारी किसान की मौत हो गई है, जिससे दिल्ली चलो मार्च के तहत चल रहे विरोध प्रदर्शन के दौरान मरने वालों की संख्या 4 हो गई है.

बठिंडा जिले के अमरगढ़ गांव के 62 वर्षीय किसान दर्शन सिंह 13 फरवरी से खनौरी सीमा पर रह रहे थे. पंजाब किसान मजदूर संघर्ष कमेटी के महासचिव सरवन सिंह पंधेर ने कहा कि दर्शन सिंह की मौत दिल का दौरा पड़ने से हुई.

पंढेर ने कहा, “वह खनौरी सीमा पर थे और इस किसान आंदोलन में चौथे शहीद हैं. उनकी पहचान दर्शन सिंह (62) के रूप में हुई है. उनकी मौत दिल का दौरा पड़ने से हुई.” उन्होंने कहा कि पीड़ित के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जानी चाहिए.

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को घोषणा की कि केंद्र ने मंत्रियों की तीन सदस्यीय समिति की स्थापना की है और किसानों के साथ बातचीत कर रही है. एएनआई से किसान आंदोलन पर बात करते हुए, वित्त मंत्री ने कहा, “केंद्र ने मंत्रियों की तीन सदस्यीय समिति का गठन किया है और वो किसानों के साथ बातचीत कर रहे हैं.”

उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री ने किसानों का कल्याण सुनिश्चित करने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी है और पीएम मोदी ने छोटे और सीमांत किसानों के लिए भी काम किया है. वित्त मंत्री ने कहा, “मैं उन सभी की सूची प्रदान कर सकता हूं जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसानों के लिए किया है. उनकी आय बढ़ाने से लेकर छोटे-छोटे खर्चों में सहायता करने तक, पीएम मोदी ने किसानों के कल्याण के लिए हर कदम उठाया है. वह किसानों के कल्याण के लिए भी काम करते हैं.

 

 

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