
Ranchi: कृषि मंत्री बादल पत्रलेख ने गुरुवार को सदन में कहा कि सरकार 1000 कस्टम हायरिंग सेंटर खोलेगी साथ ही 4401 ट्रैक्टर भी बांटे जाएंगे. उन्होंने स्पष्ट किया कि 15 कस्टम हायरिंग सेंटर पायलट प्रोजेक्ट के तहत खोले जाएंगे. वहीं पहले चरण में किसानों को 1 हज़ार ट्रेक्टर दिये जायेंगे. उन्होंने बताया कि इसी वित्तीय वर्ष में 45 एग्रीक्लिनिक को धरातल पर सरकार लाने जा रही है.
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मशीन व कृषि उपकरण सस्ती दरों पर मिलेंगे
पत्रलेख ने सदन को जानकारी दी कि कस्टमाइज्ड हायरिंग सेंटर के माध्यम से किसानों को जरूरतों को पूरा किया जाएगा, साथ ही सभी मशीन व कृषि उपकरण सस्ती दर पर उपलब्ध कराये जायेंगे. इस सेंटर के माध्यम से किसानों को बंगाल और ओडिशा में जरूरत पड़ने वाले फसलों की जानकारी दी जाएगी. साथ ही बीज भी उपलब्ध कराया जाएगा. किसानों को सभी जरूरी ट्रेनिंग भी मुहैया कराई जाएगी. अनसूचित प्रश्नकाल के दौरान ढुल्लू महतो द्वारा उठाए गए सवाल के जवाब में बादल पत्रलेख ने यह जानकारी दी.
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विजेता ग्राम प्रोजेक्ट के तहत खोलेंगे सेंटर
ढुल्लू महतो ने सवाल किया था कि कृषि यंत्रीकरण को प्रोत्साहित करने के लिए अनुदान पर सिर्फ अब तक झारखंड के 435 किसानों को मिनी ट्रैक्टर और 165 पावर टिलर का ही वितरण किया गया है. उन्होंने सरकार से वह सवाल किया था कि क्या सरकार कस्टम हायरिंग सेंटर स्थापित करना चाहती है इसी सवाल का जवाब देते हुए सरकार ने बताया कि सरकार जल्द ही विजेता ग्राम प्रोजेक्ट के तहत एक हजार कस्टमाइज सेंटर खोलने जा रही है जिसके तहत पायलट प्रोजेक्ट के जरिए 15 कस्टमर सेंटर जल्द ही स्थापित कर लिए जाएंगे.
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