
Manoj Kumar Pintu
Giridih: साल 2017 में संरेडर किये गिरिडीह-जमुई के इनामी माओवादी सुंरग यादव उर्फ अजीत समेत चार माओवादियों के खिलाफ विस्फोटक पदार्थ और आर्म्स एक्ट अधिनियम के तहत अभियोजन चलाने की स्वीकृति गिरिडीह डीसी राहुल सिन्हा ने दे दी है.
डीसी ने जिन माओवादियों के खिलाफ अभियोजन चलाने की स्वीकृति दी है, उनमें सुंरग यादव, वसीर दा और श्मसुद्दीन अंसारी शामिल हैं. तीनों के खिलाफ एपीपी राजीव चौधरी से सुझाव मिलने के बाद डीसी ने अभियोजन चलाने की स्वीकृति दी है.
जानकारी के अनुसार हार्डकोर माओवादी वसीर दा जहां गिरिडीह जिले के सेन्ट्रल जेल में बंद है, वहीं सुंरग दा ने साल 2017 में जमुई पुलिस के समक्ष संरेडर किया था, जबकि श्मसुद्दीन अंसारी फिलहाल पुलिस गिरफ्त से बाहर बताया जा रहा है.
गिरिडीह पुलिस ने वसीर दा को भेलवाघाटी थाना क्षेत्र से दबोचा था. इसके बाद से वसीर दा अब तक जेल में बंद है. जेल में रहते हुए वसीर दा के खिलाफ आर्म्स एक्ट और विष्फोटक पद्धार्थ अधिनियम के तहत केस चलाया जाएगा. वसीर दा के खिलाफ भेलवाघाटी में कई नक्सली केस दर्ज हैं तो सुंरग दा गिरिडीह-जमुई के इलाके के लिए आंतक का पर्याय माना जाता था.
जिले के भेलवाघाटी, तिसरी और देवरी व गांवा के इलाके में सुंरग दा का खौफ ही काफी था. लिहाजा, सुंरग दा उर्फ अजीत के खिलाफ गिरिडीह के कोर्ट में आर्म्स और विष्फोटक पद्धार्थ एक्ट के तहत अभियोजना चलाया जाएगा.
जानकारी के अनुसार सुंरग दा पर भेलवाघाटी थाना में चार नक्सली केस दर्ज हैं, जिसमें भेलवाघाटी मुखिया प्रभावती बरनवाल के बेटे सुभाष बरनवाल समेत ग्रामीण श्याम सुंदर पंडित की हत्या शामिल है. इसी हमले में मुखिया का दूसरा बेटा और पति रंजीत बरनवाल और गौरीशंकर बरनवाल गंभीर रूप से जख्मी हो गए थे, जबकि जिले के चर्चित कैदी वाहन में हमला कर माओवादियों को छुड़ाने का भी केस दर्ज है. उस वक्त कैदी वाहन में हमला करने से पहले सुंरग दा ने ही अपने साथियों से वाहन की रेकी करायी थी.
कैदी वाहन में हमला कर सुंरग दा नक्सली संगठन के गिरिडीह-जमुई के सबसे बड़े माओवादी प्रवेश दा को छुड़ाकर ले गया था. ऐसे में माना जा रहा है कि जमुई जेल से सुंरग दा को जल्द रिमांड पर गिरिडीह पुलिस ला सकती है.
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