
Giridih: डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन के लिए कार्यरत अकांक्षा मैनेजमेंट कंपनी ने शुक्रवार से अनिश्चितकालीन लॉकडाउन कर दिया है. कंपनी के लॉकडाउन किए जाने से अब गिरिडीह नगर निगम के 36 वार्डो में हर रोज 60 टन कूड़ा उठाने की बड़ी परेशानी पैदा हो गई है क्योंकि अकांक्षा मैनेजमेंट कंपनी के अधीन कंपनी में कार्यरत 170 सफाई कर्मी हर रोज निगम के 36 वार्डो में हर वार्ड से करीब 500 सौ घरों से कूड़ा उठाव का कार्य करते हैं जो कि शुक्रवार को लॉकडाउन किए जाने के बाद अब बंद कर दिया गया.
जाहिर है कि जब इतने बड़े पैमाने पर कूड़े का उठाव होता है तो आने वाले दिनों में गंदगी की समस्या शहर में बढ़ना तय है. इधर शुक्रवार को कंपनी द्वारा लॉकडाउन किए जाने के बाद सारे सफाई कर्मी कंपनी के बस पड़ाव स्थित डंप यार्ड पहुंचे तो जरुर लेकिन गेट बंद था और सारे वाहन खड़े थे.
कंपनी द्वारा लॉकडाउन किए जाने का कारण पुराने सुपरवाइजर और नए सुपरवाइजर के बीच वर्चस्व की लड़ाई के रूप में सामने आया है.
पुराने सुपरवाइजर श्मशेर अली, श्मसेर अहमद खान और उमेश पासवान पर जहां कंपनी के कुछ कर्मियों ने दंबगई के साथ कार्य कराने का आरोप लगाया, वहीं कंपनी के नए सुपरवाइजर के साथ नए कर्मी अजीत सिंह ने पुराने सुपरवाइजर के साथ कुछ सफाई कर्मियों और कूड़ा उठाने वाले गाड़ियों के चालक पर आरोप लगाते हुए कहा कि वे मनमाने तरीके से सिडिकेंट बनाकर काम करना चाहते हैं. लेकिन कंपनी ऐसा होने नहीं देगी.
बहरहाल, कंपनी द्वारा अचानक लॉकडाउन किए जाने से शहर की परेशानी का बढ़ना तय माना जा रहा है.




