
Palamu: झारखंड-बिहार के चर्चित गैंगस्टर कुणाल सिंह हत्याकांड मामले में पुलिस ने मुख्य शूटर के साथ एक अन्य आरोपी को रांची से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने यह कार्रवाई गुप्त सूचना के आधार पर किया है.
15 लाख सुपारी लेकर की गई थी गैंगस्टर कुणाल की हत्या
पुलिस छानबीन में पता चला है कि कुणाल सिंह की हत्या 15 लाख सुपारी लेकर की गई थी. बताया जा रहा है कि सुपारी कुख्यात अपराधी सरगना डब्लू सिंह ने दी थी.
3 जून को दिनदहाड़े हुई थी कुणाल सिंह की हत्या
गौरतलब है कि 3 जून की सुबह सुबह मेदिनीनगर के सुदना में विद्युत ग्रिड के सामने गैंगेस्टर कुणाल सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. कुणाल को गोली मारने से पहले अपराधियों ने उसकी कार में जोरदार टक्कर मारी थी. कुणाल सिंह कुख्यात अपराधी था और उसके खिलाफ एक दर्जन से अधिक अपराधिक मामले दर्ज थे.
हत्या के बाद रांची में छिपकर रह रहा था शूटर
पलामू एसपी अजय लिंडा ने बताया कि 3 जून की सुबह कुणाल सिंह की हत्या करने से पहले उसके घर से निकलने से लेकर स्पॉट पर गोली मारने तक की प्लानिंग पूर्व से की गई थी. इसमें कुणाल सिंह गिरोह का एक सदस्य डब्लू सिंह गिरोह के साथ मिला था और वह भी रेकी में शामिल था. एसपी ने बताया कि हत्या के बाद एसआईटी की कार्रवाई में सामने आया कि मुख्य शूटर सहित अन्य आरोपी रांची भाग गए हैं और वहीं पर छिप कर रहे हैं.
वर्चस्व को लेकर हुई थी कुणाल सिंह की हत्या
एसपी ने बताया कि अनुसंधान के क्रम में इस कांड में डब्लू सिंह गिरोह के शामिल होने की पुष्टि हुई. सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी संदीप कुमार गुप्ता के नेतृत्व में गठित एसआईटी ने कई स्तरों पर छानबीन की. इसी दौरान रांची से गिरफ्तार आरोपी विजय शर्मा ने खुलासा किया कि गोली मारने वाले दिन उसके साथ अनु विश्वकर्मा, श्वेतकेतु तिवारी उर्फ चंगू, अमरेश मेहता एवं एक अन्य शामिल थे.
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अमरेश मेहता सफारी गाड़ी चलाते हुए कुणाल सिंह की विपरीत दिशा से आ रही गाड़ी में जोरदार टक्कर मारी. सफारी के पीछे मोटरसाइकिल से अनु विश्वकर्मा और विजय शर्मा चल रहे थे. उधर, घर से निकलने से पहले ही बाइक से श्वेतकेतु तिवारी उर्फ चंगू अपने एक साथी के साथ कुणाल सिंह की रेकी कर रहा था. घर से कार से निकलने पर श्वेतकेतु तिवारी उर्फ चंगू उसके पीछे-पीछे आया.
कुणाल सिंह को नजदीक से मारी गई थी गोली
टक्कर मारने के बाद वाहनों के दुर्घटनाग्रस्त हो जाने पर अनु विश्वकर्मा और विजय शर्मा जख्मी कुणाल सिंह के नजदीक गए और नजदीक से सटाकर उसे गोली मार दी. घटना के बाद विजय शर्मा रांची चला गया. हत्या के बाद अनु विश्वकर्मा ने राजू तिर्की से फोन पर संपर्क किया और विजय शर्मा को रांची भेजने के लिए कार का प्रबंध किया था.
कुणाल और डब्लू सिंह के बीच लंबे समय से चल रहा वर्चस्व की लड़ाई
एसपी ने बताया कि अनुसंधान के क्रम में सामने आया कि मृतक कुणाल सिंह और डब्लू सिंह के बीच लंबे समय से वर्चस्व की लड़ाई चल रही थी. राजेश वर्मा उर्फ फंटूश कुणाल सिंह के साथ रहता था. फंटूश द्वारा डब्लू सिंह को बताया गया था कि कुणाल सिंह ने उसकी हत्या करने की योजना बनाई है. इसके बाद डब्लू सिंह ने कुणाल सिंह की हत्या की योजना बनाई और 15 लाख रुपये का ऑफर दिया.




