
Saurav Singh
Ranchi: पुलिस की सख्ती के बाद भी चतरा, लातेहार की कोल परियोजना में वसूली का खेल अब भी जारी है. पुलिस की कार्रवाई के बाद भी चतरा और लातेहार जिले में संचालित होने वाली कोल परियोजना मगध, आम्रपाली, अशोका,पिपरवार,पुरनाडीह, तेतरिया और सिकनी कोल परियोजना और राजधर, शिवपुर, टोरी,वीरा टोली, कुसमाही, बालूमाथ,फुलबसिया स्थित रेलवे साइडिंग पर संगठित आपराधिक गिरोह और उग्रवादी संगठनों के द्वारा लेवी वसूलने का खेल बंद होने का नाम नहीं ले रहा है.
इसे भी पढ़ेंःधनबाद : सड़क किनारे झाड़ियों में मिला शव, लोगों ने पत्थर से कूच कर मार देने की जतायी आशंका
आए दिन लेवी के लिए अलग-अलग संगठित आपराधिक गिरोह और अलग-अलग उग्रवादी संगठनों के द्वारा गोलीबारी और हत्या की घटनाओं का अंजाम दिया जा रहा है.
लेवी के लिए आमने-सामने हो सकते हैं कई गिरोह
चतरा और लातेहार जिले में संचालित होने वाली कोल परियोजना और रेलवे साइडिंग पर लेवी के लिए संगठित आपराधिक गिरोह और उग्रवादी संगठन आमने-सामने हो सकते हैं. लेवी वसूलने की इस लड़ाई में इससे पहले भी कई गिरोह के बीच गोलीबारी की घटना सामने आ चुकी है.
कोल परियोजना और रेलवे साइडिंग में लेवी वसूलने के लिए हत्या का दौर जारी है. अलग-अलग गिरोह के द्वारा दहशत फैलाने के लिए फायरिंग और हत्या की घटना का अंजाम दिया जा रहा है.
बिना आदेश काम करने पर दे रहे अंजाम भुगतने की चेतावनी
चतरा और लातेहार में संचालित होने वाले कोल परियोजनाओं में डीईओ होल्डर और लिफ्टर और इन दोनो जिले में रेलवे साइडिंग से रैक लोडिंग करवाने वाले व्यवसायी को अलग-अलग उग्रवादी और आपराधिक संगठनों के द्वारा बिना आदेश के काम नहीं करने की धमकी दी जा रही है.
इतना ही नहीं उग्रवादी और आपराधिक संगठनों के यह भी कहा है कि बिना आदेश के काम करने पर गंभीर अंजाम भुगतने पड़ेंगे.
इसे भी पढ़ेंः45 साल बाद भी चासनाला सेल कोलियरी सुरक्षित नहीं, कभी भी हो सकती है 1975 की पुनरावृत्ति
कई संगठित आपराधिक गिरोह और उग्रवादी वसूल रहे लेवी
मिली जानकारी के अनुसार, लातेहार और चतरा जिले में रेलवे कोयला साइडिंग और कोल परियोजना में इन दिनों आपराधिक गिरोहों का आतंक तेजी से बढ़ा है. ये गिरोह डीईओ होल्डर और लिफ्टर और रेलवे साइडिंग से जुड़े व्यवसायियों से रंगदारी वसूलते हैं.
इसके अलावा अलग-अलग उग्रवादी संगठन भी पैसे वसूलने का काम कर रहे हैं. लेवी वसूलने वाले उग्रवादी संगठनों में जेजेएमपी, जेपीसी, टीपीसी की सक्रियता ज्यादा है. इसके अलावा आपराधिक संगठनों में अमन श्रीवास्तव गिरोह सबसे ज्यादा सक्रिय है, जो उग्रवादी संगठनों की तरह पर्चा छोड़ रंगदारी की मांग करता है.
रंगदारी नहीं मिलने पर वारदात को अंजाम देने के बाद पर्चा छोड़कर उसकी जिम्मेदारी भी लेता है. अमन श्रीवास्तव गिरोह के अलावा सुजीत सिन्हा गिरोह, कुणाल गिरोह, दुबे गिरोह, विकास तिवारी गिरोह भी सक्रिय हैं.
टेरर फंडिंग मामले में 77 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी फिर भी नहीं रुकी वसूली
टेरर फंडिंग मामले में 77 लोगों के खिलाफ पिपरवार थाना में नामजद प्राथमिकी दर्ज की गयी है. इन 77 लोगों में अधिकतर लोग क्षेत्र के विस्थापित परिवार से जुड़े हैं या फिर विस्थापित नेता हैं. इन लोगों पर उग्रवादी गतिविधि में शामिल रहने या उग्रवादियों को फंड मुहैया कराने का आरोप लगा है.
इसके बावजूद भी कोल परियोजाओं में टीपीसी उग्रवादियों के द्वारा लेवी वसूली पर रोक नहीं लग पा रही है. पिपरवार थाना क्षेत्र में संचालित पिपरवार कोल परियोजना, अशोका प्रोजेक्ट काटा, कल्याणपुर काटा और पुरनाडीह कोल परियोजना से वसूली के लिए टीपीसी के सुप्रीमो ब्रजेश गंझू उर्फ गोपाल सिंह भोक्ता, आक्रमण उर्फ रविंद्र गंझू, भीखन गंझू के संरक्षण में विस्थापित ग्रामीण विजन संचालन समिति का गठन किया गया.
लेवी के लिए खूनी खेल जारी
27 दिसंबर 2019: चतरा के टंडवा थाना क्षेत्र के टंडवा कोल परियोजना के आम्रपाली शिवपुर रेलवे साइडिंग पर अज्ञात हमलावरों के द्वारा अंधाधुंध फायरिंग की गई, जिसमें मुंशी की मौत हो गई. इसके बाद सुजीत सिन्हा के नाम का पर्चा छोड़कर ट्रासंपोर्टर को काम बंद करने की चेतावनी भी दी गई.
19 दिसंबर 2019: लातेहार जिले के चंदवा थाना क्षेत्र के नगर गांव के पास तीन अपराधियों ने भाजपा नेता सह कोल व्यावसायी रविन्द्रनाथ उर्फ रवि गंझू पर गोली चलायी. इस घटना में रवि गंझू समेत वहां बैठे अन्य लोग बाल-बाल बच गये.
18 दिसंबर 2019: लातेहार के बालूमाथ थाना क्षेत्र के ही अमरवाडीह ग्राम निवासी जुगल गंझू की गोली मारकर हत्या कर दी गयी थी. हत्या की जिम्मेदारी अमन श्रीवास्तव गिरोह के शूटर शिवाजीराव ने ली थी.
जुगल गंझू भाकपा माओवादी का कमांडर रह चुका था. वर्तमान में फुलबसिया कोल साइडिंग में कोयले की ट्रांसपोर्टिंग और रैक लोडिंग का काम करता था.
12 अक्टूबर 2019: चतरा के टंडवा थाना क्षेत्र स्थित सीसीएल की आम्रपाली प्रोजेक्ट के शिवपुर रेलवे साइडिंग में जेपीसी उग्रवादियों ने देर रात करीब एक बजे एक हाइवा चालक को गोली मार दी थी.
गोलीबारी की घटना को अंजाम देने के बाद जेपीसी उग्रवादियों के द्वारा छोड़े गये पर्चे में कहा गया था कि आम्रपाली मगध प्रोजेक्ट में डीईओ होल्डर और लिफ्टर संगठन से आदेश लिए बगैर काम कर रहे थे.
6 अक्टूबर 2019: खलारी के रहने वाले कोयला व्यवसायी साबिर अहमद की पिपरवार थाना क्षेत्र अंतर्गत एनके एरिया के पुरनाडीह कांटाघर के समीप 6 अक्टूबर की सुबह गोली मारकर हत्या कर दी गयी थी. हत्या टीपीसी उग्रवादियों के द्वारा लेवी नहीं देने को लेकर की गयी.
इसे भी पढ़ेंः#CAA हिंसाः एएमयू में हुए हिंसक प्रदर्शन को लेकर 10 हजार अज्ञात छात्रों के खिलाफ मामला दर्ज




