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स्थापना दिवस समारोह : निमंत्रण पत्र पर सांसद और मेयर का नाम नहीं, रामटहल बोले- चार वर्षों से भेदभाव कर रही है सरकार

Ranchi : किसी भी राज्य का स्थापना दिवस उसके लिए विशेष दिन होता है. इस दिन राजधानी में जो भी कार्यक्रम होता है, उसमें सत्ता में बैठी सरकार को अपने सभी जनप्रतिनिधियों को निमंत्रण देना प्रोटोकॉल से कम नहीं होता है. अगर उस राज्य की सत्ता में बैठी सरकार अपने जनप्रतिनिधियों को निमंत्रण न दे, तो यह सोचनेवाली बात है. ऐसा ही एक वाकया झारखंड स्थापना दिवस के लिए छपे निमत्रंण कार्ड में देखने को मिला है. मंत्रिमंडल सचिवालय एवं निगरानी विभाग की तरफ से छपे निमंत्रण कार्ड में रांची की मेयर आशा लकड़ा और सांसद रामटहल चौधरी का नाम नहीं दिया गया है. जबकि, ये दोनों ही जनप्रतिनिधि भाजपा के ही हैं. इससे सवाल उठ रहा है कि क्या भाजपा अपने ही जनप्रतिनिधियों को निमंत्रण न भेजकर इनकी अनदेखी कर रही है. हालांकि, नाम नहीं छपे होने के सवाल पर सासंद रामटहल चौधरी ने अपनी नाराजगी जतायी है.

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पहले भी कई कार्यक्रमों में मंच पर मुझे जगह नहीं दी गयी : रामटहल चौधरी

राज्य स्थापना दिवस समारोह में शिरकत करने के लिए विभाग ने जो निमंत्रण कार्ड जारी किया है, उसमें नाम नहीं छपे होने का रांची के सांसद और भाजपा के वरिष्ठ नेता रामटहल चौधरी ने खुलकर विरोध किया है. मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा है कि अपनी ही सरकार पिछले चार वर्षों से उनके साथ भेदभाव कर रही है. इससे पहले भी कई कार्यक्रमों में उन्हें कई मंच पर जगह नहीं दी गयी है. इस पर सरकार व विभाग को मंथन करना चाहिए, ताकि सांसद पद की मर्यादा बरकरार रह सके. सांसद ने कहा कि कई कार्यक्रमों में मंत्री, विधायक को मंच पर जगह दी जाती है, पर सांसद को कुर्सी खोजनी पड़ती है. स्थापना दिवस में शामिल होने के सवाल पर सांसद रामटहल चौधरी ने कहा कि स्थापना दिवस में अपनी हाजिरी बनाने जाऊंगा, पर अधिक देर तक वहीं नहीं ठहरूंगा.

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शायद प्रोटोकॉल में मेयर का नाम नहीं आता, इस कारण नाम नहीं दिया : मेयर

निमत्रंण कार्ड में अपना नाम नहीं होने के सवाल पर मेयर आशा लकड़ा ने मीडिया को बताया कि शायद सरकार के स्थापना दिवस के प्रोटोकॉल में मेयर नहीं आती हो. हो सकता है कि इसके कारण ही मेयर का नाम आमंत्रण पत्र से बाहर हो. हालांकि, उन्होंने यह जरूर कहा कि स्थापना दिवस पर वह जरूर शामिल होंगी.

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