
Ranchi : नए साल में झारखंड को दुग्ध क्रांति के क्षेत्र में तीन सौगातें मिलने जा रही है. इससे 60 हजार दुग्ध उत्पादकों के साथ ही दो लाख लोगों के लिए रोजगार के द्वार खुलेंगे. देवघर (सारठ), साहेबगंज और पलामू में करीब 105 करोड़ की लागत से 50-50 हजार लीटर क्षमता वाली डेयरी प्रोसेसिंग प्लांट खुल जाएंगे. निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है.
फरवरी तक सारठ प्लांट शुरू करने की तैयारी
सरकार सबसे पहले सारठ में फरवरी तक प्लांट शुरू करने की तैयारी में है. इसके बाद साहेबगंज में अप्रैल और पलामू में जुलाई से प्लांट खुल जाने की उम्मीद है. विभाग की ओर से बताया गया कि सभी जगहों पर डेयरी उत्पादन में बढ़ोतरी होने के बाद दूसरे राज्य पर दूध की निर्भरता लगभग समाप्त हो जाएगी. मालूम हो कि यह तीनों प्लांट रघुवर सरकार के कार्यकाल में ही बनने शुरू हो गए थे, लेकिन इसे समय पर पूरा भी नहीं किया जा पाया था. बजट का पैसा नहीं मिलने व अन्य अनियमताओं की वजह से काम पूरी तरह ठप रहा. लेकिन अब नई सरकार ने बजट उपलब्ध करा दिया जिसके बाद काम में गति आयी है.
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साहेबगंज में तीन लाख लीटर दूध संग्रहण
राज्य सरकार और मिल्क फेडरेशन द्वारा शुरू किए जाने वाले प्लांट में सबसे पहले आसपास के गांव के कृषकों को लाभ दिया जाएगा. केवल साहेबगंज में तीन लाख लीटर से अधिक दूध संग्रहण की उम्मीद है. फेडरेशन के एमडी सुधीर सिंह का कहना है कि सरकार केवल दुग्ध सेक्टर को थोड़ा प्रोत्साहित करे, तो रोजगार की कमी नहीं है, यहां के देसी गाय के दूध की गुणवत्ता बहुत अच्छी है. गाय के माध्यम से जैविक खेती को भी बढ़ावा दिया जा सकेगा.
जैसे-जैसे लोग दूध व्यवसाय से जुड़ेंगे वैसे-वैसे जैविक खेती का पैमाना भी बढ़ता जाएगा. मालूम हो कि छह साल में 20 हजार किसान परिवारों को लाभ मिला है. झारखंड मिल्क फेडरेशन के आने से पहले यहां राज्य सरकार अपने स्तर से डेयरी प्लांट चला रही थी. राज्य सरकार पूरे राज्य से करीब 11 हजार लीटर ही दूध का संग्रहण करती थी. छह साल में राज्य में करीब 1.50 लाख लीटर दूध का संग्रहण होना शुरू हुआ और रोजगार भी बढ़ा है.
दूध प्लांट में गड़बड़ी को लेकर लोकायुक्त ने की है जांच
दूध प्लांट में कई अनियमताओं को लेकर इसकी शिकायत कई संगठनों द्वारा लोकायुक्त से की गई थी. जिसके बाद इसकी जांच की गई और कई माह बाद क्लीन चिट दी गई थी. इस बीच कई घोटोलों की अटकलें लगायी जा रही थी, लेकिन बाद में सभी चीजें लगभग समान्य पायी गई और काम शुरू हो पाया. फेडरेशन का कहना है कि अब काम में कोई रूकावट नहीं है और सरकार की ओर से पूरा पैसा उपलब्ध करा दिया गया है.
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