National

FICCI की एजीएम : मोदी के भाषण में किसानों पर फोकस, कहा, हमारी नीतियां किसानों की आय बढ़ायेगी

भारत में मंडियों का आधुनिकीकरण तो हो ही रहा है, किसानों को डिजिटल प्लेटफार्म पर फसल बेचने और खरीदने का भी विकल्प दिया है. इन सारे प्रयासों का लक्ष्य यही है कि किसानों की आय बढ़े, देश का किसान समृद्ध हो

NewDelhi :  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज शनिवार को भारतीय वाणिज्य एवं उद्योग महासंघ FICCI की 93वीं एजीएम का वीडियो कॉन्‍फ्रेंसिंग के जरिए उद्घाटन किया.  इस अवसर पर पीएम ने कहा कि पिछले छह वर्षों में भारत ने ऐसी सरकार देखी है, जो सिर्फ और सिर्फ 130 करोड़ देशवासियों के सपनों को समर्पित है. जो हर स्तर पर देशवासियों को आगे ले जाने के लिए काम कर रही है.

भारत ने जिस तरह बीते कुछ महीनों में एकजुट होकर काम किया, नीतियां बनाई, निर्णय लिये हैं, स्थितियों को संभाला है, उसने पूरी दुनिया को चकित करके रख दिया है.

ram janam hospital
Catalyst IAS

The Royal’s
Pitambara
Sanjeevani
Pushpanjali

इसे भी पढ़ें : फर्जी कंपनियां सरकार के रडार पर, दो माह में 1.63 लाख जीएसटी रजिस्ट्रेशन रद्द, चार CA गिरफ्तार

2020 में कई उतार-चढ़ाव से देश और दुनिया गुजरे हैं

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि ट्ववेंटी-ट्ववेंटी  के मैच में हमनें कई बार स्थितियों को बहुत तेजी से बदलते हुए देखा है. लेकिन साल 2020 सबको पीछे छोड़ गया.2020  में इतने उतार-चढ़ाव से देश और दुनिया गुजरी है कि कुछ वर्षों बाद जब हम कोरोना काल को याद करेंगे तो शायद यकीन ही नहीं आयेगा.

अच्छी बात यह रही कि जितनी तेजी से हालात बिगड़े, उतनी ही तेजी के साथ सुधर भी रहे हैं.  इस महामारी के समय भारत ने अपने नागरिकों के जीवन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी, ज्यादा से ज्यादा लोगों का जीवन बचाया. आज इसका नतीजा देश भी देख रहा है और दुनिया भी देख रही है

इसे भी पढ़ें : सीबीआई की कस्टडी से 103 किलो सोना गायब, मद्रास हाईकोर्ट  ने जांच के आदेश दिये

किसानों के पास अपनी फसल मंडियों के साथ बाहर बेचने का विकल्प

कृषि क्षेत्र को लेकर कहा कि देश को मजबूत करने के लिए बीते वर्षों में तेजी से काम किये गये है.  उससे भारत का एग्रीकल्चर सेक्टर पहले से कहीं अधिक वाइब्रेंट हुआ है. आज भारत के किसानों के पास अपनी फसल मंडियों के साथ ही बाहर भी बेचने का विकल्प है.

आज भारत में मंडियों का आधुनिकीकरण तो हो ही रहा है, किसानों को डिजिटल प्लेटफार्म पर फसल बेचने और खरीदने का भी विकल्प दिया है. इन सारे प्रयासों का लक्ष्य यही है कि किसानों की आय बढ़े, देश का किसान समृद्ध हो. जब देश का किसान समृद्ध होगा तो देश भी समृद्ध होगा.

इसे भी पढ़ें :  2014 में कांग्रेस क्यों हारी…स्व प्रणब मुखर्जी की किताब द प्रेसिडेंशियल ईयर्स में छिपा है राज…

सभी दीवारें हटाई जा रही हैं, सभी अड़चनें हटाई जा रही हैं

एग्रीकल्चर सेक्टर और उससे जुड़े अन्य सेक्टर जैसे एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर हो, फ़ूड प्रोसेसिंग हो, स्टोरेज हो, कोल्ड चैन हो इनके बीच हमने दीवारें देखी हैं. अब सभी दीवारें हटाई जा रही हैं, सभी अड़चनें हटाई जा रही हैं. इन रिफॉर्म्स के बाद किसानों को नये बाजार मिलेंगे, नये विकल्प मिलेंगे,  टेक्नोलॉजी का लाभ मिलेगा, देश का कोल्ड स्टोरेज इंफ्रास्ट्रक्चर आधुनिक होगा. इन सबसे कृषि क्षेत्र में ज्यादा निवेश होगा. इन सबका सबसे ज्यादा फायदा मेरे देश के किसान को होने वाला है

विदेशी निवेशकों ने भारत में रिकॉर्ड निवेश किया

पीएम-वाणी योजना के तहत देशभर में सार्वजनिक वाईफाई हॉटस्‍पॉट का नेटवर्क तैयार किया जायेगा. इससे गांव-गांव में कनेक्टिविटी का व्यापक विस्तार होगा. मेरा आपसे आग्रह है कि रूरल और सेमी रूरल क्षेत्रों में बेहतर कनेक्टिविटी की इन प्रयासों में भागीदार बनें. निश्चित है कि 21वीं सदी के भारत की ग्रोथ को गांव और छोटे शहर ही सपोर्ट करने वाले हैं. आप जैसे आंत्रप्रोन्‍योर्स को गांव और छोटे शहरों में निवेश का मौका बिल्कुल नहीं गंवाना चाहिए.

दुनिया का जो विश्वास बीते छह सालो में भारत पर बना था, वो बीते महीनों में और मजबूत हुआ है. FDI हो या FPI, विदेशी निवेशकों ने भारत में रिकॉर्ड निवेश किया है और निरंतर कर रहे है.

Related Articles

Back to top button