
Uday Chandra
New Delhi : 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस पर ट्रैक्टर मार्च को लेकर आंदोलनकारी किसान और सरकार आमने सामने हैं. एक तरफ जहां किसान ट्रैक्टर रैली को सफल बनाने के लिए हर तैयारी में जुटे हैं वहीं सुप्रीम कोर्ट ने संकेत दिया कि किसानों की ट्रैक्टर रैली पर दिल्ली पुलिस रोक लगा सकती है. कोर्ट का कहना है कि अगर कोर्ट की ओर रोक लगाई जाएगी तो इसका गलत संदेश जाएगा. कोर्ट में अगली सुनवाई 20 जनवरी को होगी. लेकिन किसानों की तैयारी ऐसी है, जिसे जानकर आप हैरान हो जायेंगे.
सरकार से नौ दौर की असफल बातचीत के बाद किसान अब 26 जनवरी को प्रस्तावित ट्रैक्टर यात्रा की तैयारियों में जुटे हैं. आंदोलन स्थल पर मैकेनिकों की दुकानें खुल गयी हैं. जहां ट्रैक्टरों को सुरक्षा के लिहाज से अलग रूप दिया जा रहा है. जिस तरह से तैयारियां हो रही हैं, उसको लेकर कई सवाल भी उठने लगे हैं. जिस तरह से तैयारियां की जा रही हैं उसे देखकर लग रहा है कि किसान संगठन पुलिस बल का सामने करने की तैयारी पहले से ही कर रहे हैं. ट्रैक्टरों को विशेष रूप से सुधारा जा रहा है. इनमें लोहे के राड लगाए जा रहे हैं.
पत्थर हटाने के लिए ट्रैक्टरों के इंजनों को बड़ा करवाया जा रहा है. आम तौर पर पंजाब में बड़ी खेती करने वाले किसानों के पास 55 हार्स पावर के ट्रैक्टर हैं. लेकिन 26 जनवरी के ट्रैक्टर मार्च में शामिल होने के लिए 120 हार्स पावर से 180 हार्स पावर के ट्रैक्टर तैयार करवाए जा रहे हैं. ताकि किसी भी प्रकार के अवरोध को हटाया जा सके. दरअसल, 26 नवंबर को हरियाणा पुलिस की ओर से रास्ते में बड़े-बड़े पत्थर लगाकर किसानों का रास्ता रोका गया था. इस स्थिति से निपटने के लिए भी किसान ऐसी तैयारी कर रहे हैं.
ट्रैक्टरों में बड़ी-बड़ी प्लेटें भी लगाई जा रही हैं, ताकि भारी सामान को हटाया जा सके. आमतौर पर ट्रैक्टरों पर दो बड़े पहिए होते हैं लेकिन इन ट्रैक्टरों पर इस प्रकार के चार पहिए लगाए जा रहे हैं ताकि इन्हें भारी चीजें खींचकर हटाने में दिक्कत न आए.
ट्रैक्टर यात्रा में शामिल होने वाले ट्रैक्टरों में केबिन लगवाए गए हैं. जिसमें शीशे भी लगे हैं. किसानों ने बताया कि यह ट्रैक्टर अग्रिम पंक्ति में चलेंगे. जबकि इनके पीछे दूसरे सभी ट्रैक्टर चलेंगे. ट्रैक्टर यात्रा के दौरान सरकार द्वारा आंसू गैस व वाटर कैनन का इस्तेमाल किए जाने की आशंका के कारण इस तरह की तैयारी की जा रही है.
लाठीचार्ज होने पर स्वयं को बचाने के लिए किसानों ने ट्रैक्टरों पर लोहे की जाली लगवाने शुरू कर दिए हैं. जिससे वह लाठियों से बच सकें. इतना ही नहीं कुछ किसानों ने पूरे ट्रैक्टर पर लोहे के एंगल लगवा लिये हैं. जिससे लाठीचार्ज होने की स्थिति में उनका ट्रैक्टर क्षतिग्रस्त होने से बच सके.
किसान ट्रैक्टर यात्रा के लिए डीजल भी स्टॉक कर रहे हैं. एक ट्रैक्टर पर 3 से 6 किसान ही मौजूद रहेंगे जबकि महिलाओं को भी ट्रैक्टर यात्रा में शामिल किया गया है. सभी रणनीति तैयार की जा चुकी हैं और हर रणनीति की बारीकियों से एक-दूसरे को अवगत करवाया जा रहा है.
हालांकि ट्रैक्टर रैली को लेकर खुफिया सूत्रों ने जो जानाकारी दी है, उसने भी सरकार की चिंता बढ़ा दी है. खबर है कि ट्रैक्टर परेड की आड़ में असामाजिक तत्व गड़बड़ी फैला सकते हैं. खुफिया एजेंसियों के साथ ही किसान संगठनों ने खुद यह आशंका जताई है.




