
New Delhi: तीन कृषि कानूनों के खिलाफ जारी आंदोलन को छह महीना आज पूरा हो गया है. आंदोलनकारी किसान व उनके समर्थक आज काला दिवस मनाएंगे. किसान नेताओं का कहना है कि उन्हें डराकर और थकाकर डिगाया नहीं जा सकता. इनका कहना है कि जब तक सरकार उन पर दर्ज सभी मुकदमें वापस नहीं लेती और उनकी सभी मांगों को नहीं मान लेती वह दिल्ली की सीमाओं से वापस नहीं जाएंगे.
संयुक्त किसान मोर्चा ने कहा कि दिल्ली समेत सभी धरना स्थलों पर बुद्ध पूर्णिमा पर्व मनाया जायेगा. धरना स्थलों पर काले झंडे लगाकर और सरकार के पुतले जलाकर विरोध करने की तैयारी है. संयुक्त किसान मोर्चा नेता बलवीर सिंह राजेवाल, डॉ दर्शन पाल, गुरनाम सिंह चढूनी, हनन मौला, जगजीत सिंह डल्लेवाल, जोगिंदर सिंह उग्राहां, युद्धवीर सिंह, योगेंद्र यादव, अभिमन्यु कोहाड़ के नाम से जारी की गई प्रेस वार्ता में कहा गया है कि किसान सत्य और अहिंसा के दम पर अपना आंदोलन आगे बढ़ा रहे हैं.
संयुक्त किसान मोर्चा ने 26 मई को किसानों, मजदूरों, युवाओं, छात्रों, कर्मचारियों, लेखकों, चित्रकारों, ट्रांसपोर्टरों, व्यापारियों और दुकानदारों सहित सभी वर्गों के लोगों से सड़क पर उतरकर विरोध करने की अपील की है. सभी पक्के मोर्चों पर पुरुष काली पगड़ी और महिलाएं काली चुन्नी पहनकर विरोध करेंगी. मालूम हो कि कांग्रेस पार्टी समेत अन्य राजनीतिक दलों ने भी आंदोलनकारी किसानों के समर्थन में काला दिवस मनाने की घोषणा की है. झारखंड में प्रदेश अध्यक्ष रामेश्वर उरांव ने प्रेस को यह जानकारी दी है.




