
Ranchi: नये साल के दौरान राजधानी और आस-पास के पिकनिक स्पॉट से साथ राज्य के कई स्थानों पर हजारों की संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं, पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम नहीं हैं.
राजधानी के 50 किमी के रेंज में पांच वाटरफफॉल हैं, जहां हजारों की संख्या में सैलानी प्रतिदिन पहुंचते हैं. पर सुरक्षा की दृष्टि से व्यापक इंतजाम नहीं हैं. पिछली बार भी सरकार की ओर से वादे तो किये गये थे पर हुआ कुछ नहीं.
पिकनिक स्पॉट पर एसपी और डीसी ने 500 से अधिक सुरक्षा बलों को तैनात करने की बात कही थी, पर वे महज नाम मात्र के लिए थे. फॉल में किसी को डूबने से बचाने के लिए गोताखोर तक नहीं होते.
छेड़खानी और अन्य परेशानियों से बचाने के लिए किसी तरह का कोई इंतजाम प्रशासन की तरफ नहीं किये जाते हैं, जिससे हर साल चार से पांच मौत की घटनाएं सामने आती रही हैं.
पुलिस मुख्यालय की ओर से भी सभी एसपी को नववर्ष को लेकर अपने-अपने जिले के पिकनिक स्पॉट पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश दिये गये हैं.
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14 राज्यों में टूरिस्ट पुलिस है प्रतिनियुक्त
देश के 14 राज्यों में पर्यटकों की सुरक्षा के लिए टूरिस्ट पुलिस गठित है. इसमें अरुणाचल प्रदेश, गोवा, कर्नाटक, केरल, महाराष्ट्र, दिल्ली, हिमाचल, राजस्थान, जम्मू-कश्मीर, उत्तर प्रदेश, पंजाब, मध्य प्रदेश, तेलंगाना व ओडिशा हैं.
इन राज्यों में 24 घंटे बहुभाषीय हेल्प डेस्क भी कार्यरत हैं. इन प्रदेशों में से अधिकतर की अर्थव्यवस्था का बड़ा हिस्सा पर्यटन पर केंद्रित है.
पांच गुना बढ़े विदेशी पर्यटक, 3.54 करोड़ देसी सैलानी
वर्ष 2015-16 में झारखंड में 22 हजार विदेशी पर्यटक आये थे. 2018-19 में यह संख्या 1.76 लाख हो गयी. जिन राज्यों में पर्यटकों की बहुलता है वहां सैलानियों की सुरक्षा के लिए खास पुलिस दस्ते तैनात रहते हैं.
झारखंड में हाल के वर्षों में देसी व विदेशी सैलानियों की आमद तेजी से बढ़ी है. इसके कारण पर्यटन पुलिस की आवश्यकता महसूस की जा रही है.
फोकस सैलानियों की सुविधाओं समेत सुरक्षा का ख्याल रखना होगा ताकि देश दुनिया में झारखंड की बेहतर होती छवि को और सुदृढ़ किया जा सके.
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इन पिकनिक स्पॉट पर उमड़ती है भीड़
राजधानी रांची के पिकनिक स्पॉट में जगरनाथ मंदिर, पतरातू डैम, कांके डैम, दशम फॉल, टैगोर हिल, पहाड़ी मंदिर, ओरमांझी स्थित बिरसा जूलॉजिकल पार्क, जॉन्हा फॉल्स, नक्षत्र वन, हुंडरू फॉल्स, धुर्वा डैम, हिरनी फॉल्स, रॉक गार्डन फन कैसल, बायो डायवर्सिटी पार्क, सिदो- कान्हू पार्क, रुक्का डैम और जमशेदपुर का जुबिली पार्क, छिन्मस्तिका मंदिर, सूर्य मंदिर बाबा बैधनाथ मंदिर शामिल है.
ग्रामीण से लेकर पुलिस प्रशासन तक सैलानियों की सुरक्षा के लिए मुस्तैद हैं. जलप्रपात के आसपास खतरे वाली जगह पर वार्निंग बोर्ड लगाए गये हैं ताकि किसी प्रकार की अप्रिय घटना नहीं घटे.
राजधानी के हुंडरू फॉल, जोन्हा और दशम फॉल में प्रशासन की ओर से विशेष सतर्कता बरती जा रही है. पर्यटन स्थलों पर जाने वाले सैलानियों की भीड़ को कंट्रोल करने के लिए जिला प्रशासन ने सारी तैयारियां पूरी कर लेने की बात कही है.
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