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आखिरकार चीन ने माना कि गलवान घाटी में उसके सैनिकों की भी मौत हुई थी

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New Delhi : बीते 15-16 जून की रात गलवान घाटी में भारत और चीन के सैनिकों के बीच हिंसक झड़प हुई थी. इस झड़प में दोनों ही पक्षों के सैनिकों की मौत हुई थी. भारत की ओर से बताया गया था कि इस झड़प में उसके एक कर्नल सहित 20 सैनिकों की मौत हुई थी वहीं इस मसले पर चीन ने चुप्पी साध रखी थी. अब पहली बार चीन ने स्वीकार किया है कि उस रात उसके सैनिकों की भी मौत हुई थी.

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ग्लोबल टाइम्स ने माना कि चीनी सैनिकों की हुई थी मौत

बता दें कि इसके पहले चीन ये बात स्वीकार ही नहीं कर रहा था. अब चीनी अखबार ग्लोबल टाइम्स के एडिटर ने माना है कि गलवान घाटी में चीन की सेना को नुकसान पहुंचा था और कुछ जवानों की जान गई थी. हालांकि चीन अब भी सार्वजनिक रूप से यह नहीं बता रहा है कि उसके कितने सैनिकों की मौत हुई थी. ग्लोबल टाइम्स के एडिटर इन चीफ हू झिजिन ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के एक बयान को ट्वीट कर कहा है कि जहां तक मुझे पता है कि गलवान घाटी की झड़प में चीनी सेना में मरने वालों की संख्या भारत के 20 के आंकड़े से कम थी. इतना ही नहीं कोई भी चीनी सैनिक भारत ने बंदी नहीं बनाया था, बल्कि चीन ने भारत के सैनिकों को बंदी बनाया था.

 

चीनी सरकार का अखबार है ग्लोबल टाइम्स

ग्लोबल टाइम्स चीन के पीपुल्स डेली का अंग्रेजी अखबार है, जो चीन की सत्ताधारी पार्टी चाइनीज़ कम्युनिस्ट पार्टी का ही पब्लिकेशन है. यह अखबार चीनी सरकार के विचारों का प्रतिनिधित्व करता है. बताया जाता है कि अखबार वहीं बातें लिखता है जो चीनी सरकार चाहती है. भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बीते गुरुवार को राज्यसभा में चीन सीमा पर जारी तनाव की जानकारी देश को दी. उन्होंने बताया कि भारत सभी नियमों और समझौतों का पालन कर रहा है, लेकिन चीन की ओर से बार-बार इनका उल्लंघन किया जा रहा है.

 

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  1. भारत की सेना किसी भी परिस्थिति के लिए तैयार

रक्षा मंत्री ने अपने बयान में कहा कि लद्दाख में स्थिति गंभीर है, लेकिन भारत की सेना किसी भी परिस्थिति के लिए तैयार है. वहीं गलवान घाटी की झड़प पर उन्होंने कहा कि चीन के दुस्साहस के कारण भारत के 20 जवान शहीद हुए थे, लेकिन उन जवानों ने चीन को कड़ा जवाब दिया. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कड़े शब्दों में कहा कि कोई भी ताकत भारत को पैंगोंग इलाके में पैट्रोलिंग करने से नहीं रोक सकती है. गौरतलब है कि 15 जून को जब चीनी सैनिकों ने घुसपैठ की कोशिश की थी, तब भारतीय सेना ने उन्हें रोका. लेकिन चीनी सैनिकों ने धोखे से धारधार हथियार से हमला कर दिया.

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