JharkhandLead NewsNEWSRanchiTOP SLIDER

अवैध तरीके से जमीन खरीद मामले में 15 माह बाद भी कारोबारी विष्णु अग्रवाल पर लगे आरोपों की जांच रिपोर्ट नहीं मिली

नगर विकास ने रांची डीसी से मांगा प्रतिवेदन

Nikhil Kumar

Ranchi: रांची के बड़े कारोबारी और न्यूक्लियस मॉल के मालिक विष्णु अग्रवाल के खिलाफ लगे आरापों की जांच रिपोर्ट 15 महिने बाद भी रांची डीसी ने सरकार को नहीं दी है. नामकुम क्षेत्र के जगन्नाथपुर के मेहंदीबगान रांची में 9.5 एकड़ खासमहाल जमीन, सरकारी भूमि की अवैध खरीद, रजिस्ट्री,कब्जा और अधिकारियों के मिलीभगत से नियमितीकरण कराये जाने का आरोप है. इसके अलावा विष्णु अग्रवाल पर रांची नगर निगम क्षेत्र में गैर कानूनी तरीके से रांची मास्टर प्लान सहित अन्य नियमों, विनियमों के उल्लंघन एवं गैरकानूनी तथा अवैध कार्यों में शामिल रहने का आरोप लगा था. इसमें रांची नगर निगम के अधिकारियों का भी प्रश्रय की बात सामने आयी थी जिनकी मिलीभगत से गैरकानूनी कार्य किए गए. इस संबंध में कोलकाता के परिवादी सुनील सरावगी ने आरोप लगाते हुए राजभवन को आवश्यक पहल का अनुरोध किया था. पूरे मामले पर राज्यपाल सचिवालय के अपर मुख्य सचिव ने सरकार से जांच रिपोर्ट मांगी थी.

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार इस संबंध में 9 नवंबर और 22 नवंबर 2021 को ही रांची उपायुक्त को पत्र लिखकर रिपोर्ट देने को कहा गया था. जांच रिपोर्ट एक सप्ताह में ही देने को कहा गया था, लेकिन फरवरी 2023 तक भी रिपोर्ट सरकार को नहीं भेजी गयी. प्रतिवेदन प्राप्त नहीं होने की वजह से कोई कड़ी कार्रवाई भी नहीं हो पाई. पूरे मामले को राज्य के मुख्य सचिव ने गंभीरता से लिया है और नगर विकास विभाग से अविलंब पूरे मामले पर रिपोर्ट उपलब्ध कराने को कहा है.

नगर विकास विभाग ने इस संबंध में रांची उपायुक्त को पत्र लिखा है जिसमें उन्होंने विष्णु अग्रवाल के खिलाफ लगे आरोपों की जांच नवंबर 2021 में ही एक सप्ताह में मांगी गयी थी लेकिन अबतक नहीं मिलने की बात कही है. ऐसे मे इसे सर्वोच्च प्राथमिकता में लेते हुए परिवाद में उठाये गये बिंदुओं पर जांच कर एक सप्ताह के भीतर जांच प्रतिवेदन उपलब्ध कराया जाये.

जांच सही से हुई तो फंसेंगे निगम के कई अफसर-इंजीनियर

विष्णु अग्रवाल पर लगे आरोपों और नगर निगम के अधिकारियों के प्रश्रय की जांच सही तरीके से हुई तो इसमें कई बड़े अफसर-इंजीनियरों के भी फंसने की संभावना है. जिला भू-अर्जन कार्यालय के भी अधिकारी भी इसके दायरे में आ जाएंगे. सूत्रों के अनुसार यही वजह है कि जानबूझकर कर रिपोर्ट को दबाया जा रहा है ताकि मामला ठंढे बस्ते में चला जाये, लेकिन इस मामले में सरकार के तरफ से फिर से जांच प्रतिवेदन मांगे जाने के बाद रांची नगर निगम में हड़कंप मचा हुआ है.

भेजी जाएगी रिपोर्ट

रांची डीसी से रिपोर्ट मिलने के बाद नगर विकास विभाग इसे राज्यपाल, सचिवालय,मुख्य सचिव झारखंड व विभागीय सचिव के समक्ष भेजेगा. उचित मार्गदर्शन के बाद विभाग इस पर आवश्यक कार्रवाई करेगा.

 

ईडी की जांच भी चल रही

बता दें कि विष्णु अग्रवाल पर प्रर्वतन निदेशालय भी जांच कर रही है. 4 नवंबर 2022 को सेना और सरकारी जमीन की खरीद-बिक्री के आरोप में न्यूक्लियस मॉल के मालिक विष्णु अग्रवाल,रांची के वर्तमान सब रजिस्ट्रार वैभवमणि  त्रिपाठी और तत्कालीन सब रजिस्ट्रार घासीराम पिंगुआ इत्यादि के यहां छापा मारा था. विष्णु अग्रवाल से आय-व्यय का भी ब्योरा मांगा गया है.

Related Articles

Back to top button