
Ranchi: मानव विकास के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण एक बड़ी चुनौती है. वर्तमान विज्ञान के लिए ये जरूरी है कि औद्योगिक विकास को सुनिश्चित करते हुए पर्यावरण संरक्षण में बल दें. ये बातें सिंफर के वैज्ञानिक सह नीति आयोग के सदस्य डॉ. आशीष मुखर्जी ने कहीं. बुधवार को सीएसआइआर सीआइएम एफआईआर धनबाद के डिगवाडीह में कोल गैस प्लांट के उत्कृष्टता केंद्र का उद्घाटन किया गया.
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केंद्र का उद्घाटन कोल गैसीय प्लांट में पारा प्रबंधन के लिए किया गया. इस दौरान डॉ मुखर्जी ने कहा कि औद्योगिक गतिविधियों ने पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य पर प्रभाव के कारण व्यापक ध्यान आकर्षित किया है.
पारा प्रबंधन केंद्र या उत्कृष्टता केंद्र सभी औद्योगिक क्षेत्रों में पारा के लिए गैस या वायु उत्सर्जन निगरानी की जानकारी देगा. औद्योगिक क्षेत्रों मे गैस का उत्सर्जन कर बहुउद्देश्यीय रसायन का निर्माण कर देश आत्मनिर्भर बन पायेगा.
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बता दें केंद्र का उद्घाटन नीति आयोग के सदस्य डा वीके सारस्वत ने किया. डा. मुखर्जी ने कहा कि गैस से यूरिया, मिथनाइल, डीजल, पेट्रोल तथा दवा बनाए जा सकते हैं. जिससे देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी. पहले देश विदेश पर निर्भर था. जिससे हमारा अर्थव्यवस्था प्रभावित होती थी.
जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि केंद्र विभिन्न मौजूदा उत्सर्जन नियंत्रण प्रौद्योगिकियों जैसे ग्रिप गैस डिसल्फराइजेशन, उत्प्रेरक रिएक्टरों समेत अन्य पर रिसर्च और विकास कार्य करेगा.
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