
Ranchi: पुलिस मेंस एसोसिएशन केंद्रीय कार्यालय लाइन टैंक रोड रांची में एसोसिएशन के केंद्रीय पदाधिकारियों की औपचारिक बैठक की गयी. इस बैठक में संघ के संगठन एवं राज्य के पुलिस कर्मियों के कल्याण से संबंधित लंबित मामलों पर परिचर्चा की गयी.
राज्य के पुलिस कर्मियों के लंबित 5 सूत्री मांग
1 समिति विभागीय परीक्षा नियमावली को समाप्त करना.
2 तेरह माह का वेतन
3 विभिन्न भक्तों में बढ़ोतरी
4 एसीपी/एमएसीपी का मामला
5 अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति के लिए आश्रित पुत्र की उम्र सीमा में छूट
इन सभी मांगों को लेकर झारखंड पुलिस मेंस एसोसिएशन और झारखंड पुलिस एसोसिएशन द्वारा संयुक्त रुप से राज्यव्यापी आंदोलन की घोषणा की गयी थी.
5 सूत्री मांगों पर नहीं लिया गया कोई निर्णय
पांच सूत्री मांग को लेकर आंदोलन की घोषणा के बाद मुख्यमंत्री द्वारा मांगों पर वार्ता की गयी थी. जिसमें सभी मांगों को पूर्ण करने का आश्वासन दिया गया था. उसके बाद राज्यव्यापी आंदोलन को स्थगित किया गया था. पुलिसकर्मियों के लंबित मांगों के निष्पादन के संबंध में विशेष सचिव गृह कारा और आपदा प्रबंधन विभाग की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन किया गया था. जिसमें प्रत्येक माह के अंतिम बुधवार को बैठक करने का निर्णय लिया गया था. इसके तहत सितंबर में एक बैठक भी की गयी. जिससे पुलिसकर्मियों ने आशा की किरण जगी थी. लेकिन कोई बेहतर नतीजा देखने को नहीं मिला. बाद में झारखंड पुलिस मेंस एसोसिएशन द्वारा मीडिया के माध्यम से सरकार से मांग की गयी थी कि झारखंड राज्य के पुलिस कर्मियों से संबंधित उपरोक्त सभी लंबित मांगों और भत्तों को 10 जनवरी 2019 तक निष्पादित करना सुनिश्चित करें. अन्यथा बाध्य होकर स्थगित राज्यव्यापी आंदोलन पुनः प्रारंभ कर दी जाएगी. जिस पर सरकार द्वारा कोई निर्णय नहीं लिया गया.
तय की जायेगी आंदोलन की रणनीति
झारखंड पुलिस मेंस एसोसिएशन के उपस्थित केंद्रीय पदाधिकारियों की औपचारिक बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि राज्य के पुलिस कर्मियों के लंबित 5 सूत्री मांग पर विचार विमर्श करने के लिए 29 जनवरी को राज्यस्तरीय एक दिवसीय बैठक का आयोजन किया गया है. इसी बैठक में पुलिसकर्मियों के लंबित 5 सूत्री मांग पर आगे की रणनीति तैयार की जाएगी.




