
Dhanbad: जिले के झरिया के घनुआडीह में भू-धंसान होने से लोगों में दहशत का माहौल है. खबर है कि घनुआडीह पेट्रोल पम्प के पास रह रहे लोग रोजाना की तरह अपने काम में व्यस्त थे, तभी अचानक घर के अंदर की जमीन धीरे-धीरे धंसने लगी. कई घरों में बड़ी-बड़ी दरारें पड़ गई.
देखते-ही-देखते जमींदोज हो गया घर
जिस जगह पर धरती धंसी है, वहां से जहरीली गैस का रिसाव भी होने लगा. और देखते ही देखते कुछ ही देर में एक बंद पड़ा घर जमींदोज हो गया.
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इस घटना से वहां रह रहे लोगों में अफरा-तफरी मच गयी. आनन-फानन में लोगों ने भागकर अपनी जान बचाई. फिलहाल लोगों में भय का माहौल बना हुआ है. भू-धंसान के बाद जहरीली गैस रिसाव के कारण लोगों को सांस लेने में भी काफी दिक्कत हो रही है.
बारिश से दहशत में लोग
झरिया के लोग वैसे ही भूमिगत आग के कारण दहशत में जीते हैं. वहीं लगातार हो रही बारिश ने यहां के लोगों की धड़कनें बढ़ा दी हैं. लगातार बारिश होने से भू-धंसान का खतरा बना रहता है.
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सर्वे हुआ लेकिन विस्थापन नहीं
भू-धंसान क्षेत्र में रह रहे लोगों की मानें तो बीसीसीएल और जरेडा ने कई बार इलाके का सर्वे किया. और सही व सुरक्षित जगह लोगों को विस्थापित करने की बात भी कही, लेकिन सर्वे हुए कई साल बीत गए. आज तक जरेडा और बीसीसीएल के अधिकारियों ने विस्थापन नहीं किया. मजबूरन क्षेत्र के लोग जान-जोखिम में डाल कर रहने को मजबूर है.
वही इस मामले में बीसीसीएल के अधिकारियों ने कहा जरेडा के तहत सर्वे कर विस्थापितों को आवास दिया जा रहा है, लेकिन लोग जाना नहीं चाहते हैं.
न्यूज विंग ने बीसीसीएल के अधिकारी के इस जवाब पर जब स्थानीयें लोगों से घर नहीं छोड़ने का कारण पूछा, तो उनका कहना है कि जरेडा सर्वे के बाद विस्थापितों को ऐसी जगह पर भेज जा रहा है, जहां ना तो शिक्षा की सुविधा है ना रोजगार की और ना ही अस्पताल की. ऐसे में अगर विस्थापित उस जगह पर जाते है तो उनका जीवन नर्क बन जायेगा.




