
New Delhi: एक तरफ जहां पूरी दुनिया कोरोना वायरस के संक्रमण से जुझ रही है. वहीं दूसरी ओर इससे बचने के कारगर उपाय खोजने की भी कोशिश की जा रही है.
दुनिया भर में इस महामारी से लाखों लोग प्रभावित हुए हैं. वहीं कई लोगों की जान भी जा चुकी है. दुनिया के कई विकसित देशों ने तो इसके आगे अपने घुटने तक टेक दिये हैं.
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भारत ने तैयार किया एंटीबॉडी किट
भारत भी इस महामारी से अछूता नहीं हैं. इस वायरस ने भारत को भी अपने जद में ले लिया है. यहां भी हजारों लोग इसके संक्रमण में हैं जबकि सैंकड़ों की जान जा चुकी है. इसी बीच एक अच्छी खबर यह है कि भारत ने इसे लेकर एक बड़ी कामयाबी हासिल की है.
देश में कोरोना वायरस से लड़ने के लिए एक एंटीबॉडी किट बनाया गया है. इस किट को एचएलएल लाइफकेयर लिमिटेड नाम की कंपनी ने बनाया है. वहीं इस किट को एनआइवी की ओर से हरी झंडी भी दिखा दी गयी है. समाचार एंजेसी एएनआइ के मुताबिक इस किट के इस्तेमाल की अनुमति भी मिल गयी है. गौरतलब है कि एचएलएल लाइफकेयर लिमिटेड केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के तहत काम करती है.
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क्या करता है यह किट
इस एंटीबॉडी किट से कोरोना वायरस के मरीज के सीरम, प्लाज्मा और खून को लेकर जांच की जा सकेगी. इस तरह के टेस्ट किट में मरीज के खून का सैंपल लेकर उसकी जांच की जाती है. इस टेस्ट में मरीज के खून की रिपोर्ट मात्र 15 से 20 मिनट में मिल जाती है.
मरीज का खून उसकी उंगली में सुई चुभाकर लिया जाता है. इस जांच के जरिये यह पता लगाया जाता है कि संदिग्ध सख्श के खून में कोरोना वायरस से लड़ने के लिए एंटीबॉडी काम कर रहा है या नहीं. यह टेस्ट ऐसे लोगों के लिए कारगर साबित होगा जिनमें शुरू में कोरोना के लक्षण नहीं दिखायी देते हैं.
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कहां तेजी से फैल रहा कोरोना यह बताता है यह टेस्ट
हांलाकि यह रैपिट एंटीबॉडी ब्लड टेस्ट किट यह नहीं बता सकता कि व्यक्ति में कोरोना का संक्रमण है या नहीं. लेकिन इस टेस्ट से यह जरूर पता चल जाता है कि कोरोना वायरस का संक्रमण किस इलाके में तेजी से फैल रहा है.
अगर किसी व्यक्ति का रैपिड एंटीबॉडी ब्लड टेस्ट निगेडिव आ जाता है तो फिर उसका आरटी-पीसीआर टेस्ट किया जाता है. इसमें अगर रिपोर्ट पॉजिटिव आ जाता है तो फिर उसे आइसोलेशन में रखकर इलाज किया जाता है. साथ ही जो भी लोग संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आये हैं उनका लिस्ट तैयार कर उनकी खोज की जाती है.




