
Kabul : पाकिस्तान के कामचलाऊ प्रधानमंत्री नसीर- उल-मुल्क ने अफगानिस्तान में अमेरिका के ड्रोन हमले में पाकिस्तान तालिबान के प्रमुख मुल्ला फजलुल्लाह के मारे जाने को आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में महत्वपूर्ण घटना बताया. पाकिस्तान सरकार ने एक बयान में कहा कि मुल्क ने अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी से कल रात फोन पर की बातचीत में यह टिप्पणी की और फजलुल्लाह के मारे जाने की सूचना साझा करने के लिए उनका आभार जताया. गनी ने मुल्क को फोन किया था. उन्होंने एक ट्वीट में कहा था कि फजलुल्लाह की मौत अफगान सुरक्षा एजेंसियों को लगातार मिल रही खुफिया सूचनाओं का परिणाम है. एक अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि अमेरिका का मानना है कि हमले में फजलुल्लाह के मारे जाने की संभावना है लेकिन उसकी मौत की पुष्टि करने के प्रयास किये जा रहे हैं. गनी ने ट्वीट कर कहा कि उन्होंने पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा को भी फोन किया.
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ड्रोन हमले में फजलुल्लाह तथा पांच अन्य आतंकवादी मारे गये
दोनों से बातचीत में गनी ने कहा कि उन्होंने पाकिस्तान से अनुरोध किया कि पाकिस्तान में पनाह लिये हुए अफगान तालिबान को बातचीत के लिए राजी करने के वास्ते व्यावहारिक कदम उठाये जायें. अफगानिस्तान तालिबान का तीन दिन का संघर्षविराम शुरू होने के कुछ घंटों बाद गुरूवार को हुए ड्रोन हमले में फजलुल्लाह तथा पांच अन्य आतंकवदियों के मारे जाने की रिपोर्ट है. लोगार प्रांत के पुलिस प्रवक्ता शाहपुर अहमदजई ने शनिवार को टेलीफोन पर दिए साक्षात्कार में बताया कि प्रांत की राजधानी पुल -ए-आलम में तालिबान के कई निहत्थे आतंकवादियों ने ईद मनाई. अहमदजई ने कहा, हमने उन्हें हथियारों के साथ शहर में प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी. उन्होंने बताया कि अपने परिवार से मिलने के लिए पिछले दो दिनों में कम से कम 80 तालिबानी शहर में आये.
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