
Ranchi : एजुकेशनल हब को डेवलप करने के प्रस्ताव को मंजूरी देने से संबंधित बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्य सचिव डॉ डीके तिवारी ने कहा कि एजुकेशन हब और उद्योग आवासीय क्षेत्र में नहीं होना चाहिए. उन्होंने कहा कि देश-विदेश की अवधारणा को देखें तो यह बात साफ नजर आती है. मौके पर उन्होंने रांची में एजुकेशनल हब के लिए बन रही स्मार्ट सिटी या खूंटी में बन रही नॉलेज सिटी में जमीन मुहैया कराने का निर्देश दिया. उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि एजुकेशनल हब का निर्माण शहरी आबादी से कुछ दूरी पर होना चाहिए. उन्होंने इटकी के मेडिको सिटी और खूंटी के नॉलेज सिटी के लिए अधिग्रहित की गयी जमीन पर एजुकेशनल हब डेवलप करने पर जोर दिया.
उद्योगों की स्थापना के लिए रिंग रोड में जमीन करें चिन्हित
मुख्यसचिव ने उद्योग विभाग को निर्देश दिया कि विभाग भविष्य में उद्योग स्थापना के लिए रांची रिंग रोड के बाहर जमीन चिह्नि करें. स्मार्ट सिटी में विभिन्न तरह की गतिविधियों के लिए जमीन उपलब्ध कराने की योजना में एजुकेशनल हब को समाहित किया जा सकता है. गौरतलब है कि राज्य के छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए अन्य राज्यों में हो रहे पलायन को रोकने के लिए उच्च तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग के माध्यम से रांची में स्किल इंडिया मिशन के तहत आइटीइ सिंगापुर द्वारा सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना प्रस्तावित है.
इसे भी पढ़ेंःप्रशासनिक अक्षमता बनी लखन महतो की मौत का कारण, योजना सरकार की और कर्ज लेना पड़ता है लाभुकों को




