
Akshay Kumar Jha
Ranchi : झारखंड में कई जिलों के डीसी वो काम कर रहे हैं, जिसकी इजाजत IAS Code Of Conduct नहीं देता.
Model Code Of Conduct में इस बात का साफ उल्लेख है कि कोई भी IAS अधिकारी किसी पार्टी विशेष के नारों (Slogan) का इस्तेमाल नहीं कर सकते हैं. लेकिन देखा जा रहा है कि तमाम जिलों के डीसी अपने ऑफिस के ट्विटर हैंडल से #jharkhandwithmodi कैंपेन चला रहे हैं.
वे ट्विटर और फेसबुक पर अपने जिलों की उपलब्धियां गिना रहे हैं और साथ में #jharkhandwithmodi लिख रहे हैं.
दिलचस्प है कि #jharkhandwithmodi कैंपेन की घोषणा ना सरकार की तरफ से की गयी है और ना ही प्रदेश भाजपा की ओर से ही ऐसा कोई कैंपेन चलाया जा रहा है. राज्य में चुनाव के पहले बीजेपी की तरफ से घर-घर रघुवर के नारे के साथ जनसंपर्क अभियान चलाया जा रहा है.
इसे भी पढ़ें : IBPS क्लर्क के लिए नोटिफिकेशन जारी, 17 सितंबर से 9 अक्टूबर तक करें ऑनलाइन एप्लीकेशन
सीएम के भ्रष्टाचार मुक्त कार्यकाल का ‘सर्टिफिकेट’ वायरल
सोशल मीडिया में एक स्क्रीन शॉट बड़ी तेजी से वायरल हो रहा है. स्क्रीन शॉट डीसी दुमका के फेसबुक वॉल का है. वॉल पर लिखा है, “पांच साल में रघुवर सरकार पर एक भी भ्रष्टाचार का आरोप नहीं. ” पोस्ट के नीचे #jharkhandwithmodi भी लगा है.
हालांकि इस बारे में डीसी दुमका राजेश्वरी बी. ने न्यूज विंग से कहा कि इस तरह का कोई भी फेसबुक अकाउंट उनका नहीं है. यह किसी फेक अकाउंट पर की गयी पोस्ट है.
इस तरह के किसी कैंपेन की जानकारी मुझे नहीं : सीएस
अपने ट्विटर हैंडल से #jharkhandwithmodi का कैंपेन कई जिलों के डीसी चला रहे हैं. जबकि उन्हें ऐसा करने के लिए सरकार की तरफ से घोषित रूप से नहीं कहा गया है. डीसी रांची, डीसी लातेहार, डीसी गिरिडीह, डीसी चतरा, डीसी कोडरमा, डीसी सिंहभूम, डीसी पाकुड़ इनमें प्रमुख हैं.
इस मामले पर झारखंड के मुख्य सचिव डीके तिवारी से पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि इस तरह का कोई कैंपेन चलाए जाने की जानकारी उन्हें नहीं है.
ऐसे में जब सीएस को ही ऐसे किसी कैंपेन की जानकारी नहीं है, तो आखिर कैसे जिलों के डीसी इस तरह का कैंपेन चला रहे हैं.
इसे भी पढ़ें : जामताड़ा: अवैध संबंध के शक में युवक ने की पत्नी और सास की कुल्हाड़ी से मारकर हत्या
बीजेपी ने भी माना, नहीं चला कोई #jharkhandwithmodi कैंपेन
इस मामले पर न्यूज विंग ने बीजेपी के प्रदेश महामंत्री दीपक प्रकाश से भी बात की. मामले पर जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी की तरफ से ऐसा तो कोई कैंपेन फिलहाल नहीं चलाया जा रहा है. प्रदेश भर में घर-घर रघुवर नारे के साथ जनसंपर्क का अभियान चल रहा है.
हेमंत सोरेन ने जतायी आपत्ति
हेमंत सोरेन ने अपने फेसबुक वॉल पर दो स्क्रीन शॉट लगा कर मामले पर घोर आपत्ति जतायी है. उन्होंने फेसबुक पर लिखा है, “IAS अधिकारी अगर अपने मूल कर्तव्यों से ही समझौता करने लगे तो वह संविधान और देश के साथ धोखा है.
सच्चाई के साथ खड़े रहकर, संविधान को बचाए रखने के लिए IAS अधिकारियों को कटिबद्ध होना चाहिए मगर झारखण्ड में तो उन्होंने अपने घुटने हीं टेक दिये. अपने सम्मान, और पद की गरिमा को सत्ता के सामने ताक पर रख समस्त भारतवासियों को शर्मिंदा किया है.
कुछ IAS अधिकारियों ने अभी इस्तीफ़ा दिया अपने बोलने के मौलिक अधिकार और ज़मीर को बुलंद रखने के लिए और कुछ ने पद बचाने को, सत्ता को ख़ुश करने को आज इसे तार-तार कर दिया.”
इसे भी पढ़ें : जमशेदपुर: सरयू राय के खिलाफ मुखर हुए CM के करीबी रामबाबू, सोशल मीडिया पर हो रही बयानबाजी




